Vice President Election 2025 का मुकाबला अब और दिलचस्प हो गया है। चुनाव से ठीक पहले बीजू जनता दल (BJD), भारत राष्ट्र समिति (BRS) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के मतदान से दूरी बनाने के फैसले ने पूरे समीकरण को बदल दिया है। इन तीनों दलों के कुल 12 सांसद अब मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे, जिससे जरूरी बहुमत की संख्या घट गई है और NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की जीत की संभावना और मजबूत हो गई है।

क्या है सीटों का गणित?
उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य वोट देते हैं। इस समय संसद में कुल 782 सांसद हैं — लोकसभा के 542 और राज्यसभा के 240। लेकिन BJD (7 सांसद), BRS (4 सांसद) और SAD (1 सांसद) के बहिष्कार के बाद अब सिर्फ 770 सांसद वोट डालेंगे। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा अब 386 वोट हो गया है, जो पहले 392 था।

किसके पास है कितना समर्थन?
NDA के पास कुल 425 सांसदों का समर्थन है, जो बहुमत के लिए पर्याप्त से कहीं अधिक है। हालांकि ये संख्या सैद्धांतिक है और क्रॉस वोटिंग या अनुपस्थित सदस्य इसे प्रभावित कर सकते हैं। फिर भी BJD और BRS जैसे पार्टियों के बाहर होने से विपक्ष के लिए रास्ता और कठिन हो गया है।
विपक्ष की ओर से INDIA गठबंधन ने बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन बिना BRS और BJD के समर्थन के उनका मुकाबला कमजोर होता दिख रहा है।
क्यों लिया गया बहिष्कार का फैसला?
BJD ने वक्फ संशोधन विधेयक पर राज्यसभा में हुए विवाद और संभावित क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए दूरी बनाई है।
BRS ने किसानों की समस्याओं, खासकर उर्वरक संकट को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर नाराजगी जताते हुए चुनाव से हटने का फैसला किया।
SAD ने पंजाब में आई बाढ़ को कारण बताते हुए उपराष्ट्रपति चुनाव से दूरी बनाई है।
मतदान की प्रक्रिया
तारीख: 9 सितंबर 2025
समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक
वोटों की गिनती: शाम 6 बजे से शुरू होगी
परिणाम: 9 सितंबर की रात तक घोषित होने की संभावना
BJD, BRS और SAD के बहिष्कार ने उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 को एकतरफा बना दिया है। जहां पहले मुकाबला कुछ हद तक संतुलित नजर आ रहा था, अब समीकरण पूरी तरह NDA के पक्ष में झुक गए हैं। अगर कोई बड़ा उलटफेर नहीं होता, तो सीपी राधाकृष्णन का जीतना लगभग तय माना जा रहा है।
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