PM Modi GST Arunachal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश में लागू नई जीएसटी दरों में संशोधन के प्रभाव को लेकर अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय करदाताओं, व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। यह बैठक राज्य की राजधानी ईटानगर में आयोजित की गई, जिसमें व्यापारिक समुदाय ने अपनी चुनौतियों और उम्मीदों को प्रधानमंत्री के सामने रखा।

जीएसटी सुधारों का स्थानीय व्यापार पर असर
प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापारियों और उद्योगपतियों से सीधे संवाद करते हुए नई जीएसटी दरों के सुधारों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि इस संशोधन का उद्देश्य छोटे और मध्यम व्यापारियों को आर्थिक राहत देना और व्यवसाय की प्रक्रिया को सरल बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि नई दरों के लागू होने से कर की बोझ कम होगा और इससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। “हमारा लक्ष्य है कि व्यापार के हर स्तर पर पारदर्शिता बढ़े और कराधान की प्रक्रिया सरल हो, ताकि कारोबार बढ़ सके,” पीएम मोदी ने कहा।

व्यापारियों की राय और सुझाव
अरुणाचल प्रदेश के व्यापारियों ने जीएसटी में सुधार की सराहना की, लेकिन कुछ ने कहा कि अभी भी कई चुनौतियां हैं, जैसे कर रिटर्न की जटिलताएं और कंप्लायंस की प्रक्रिया। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि भविष्य में इन प्रक्रियाओं को और अधिक सहज बनाया जाए।
एक उद्योग प्रतिनिधि ने कहा, “जीएसटी दरों में कमी से निश्चित तौर पर कारोबार में लाभ होगा, लेकिन हमें ट्रेनिंग और जागरूकता की जरूरत है ताकि छोटे व्यापारी इस सिस्टम का बेहतर इस्तेमाल कर सकें।”
राज्य सरकार के साथ समन्वय
पीएम मोदी ने राज्य सरकार के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे स्थानीय व्यापारियों और उद्योगपतियों को जीएसटी से जुड़ी सभी जानकारियां और तकनीकी सहायता प्रदान करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कर संग्रह बढ़ेगा, बल्कि व्यापार के पारिस्थितिक तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।
अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का संदेश
इस चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि जीएसटी सुधार देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि आर्थिक विकास हर राज्य और हर व्यक्ति तक पहुंचे। जीएसटी सुधार इस दिशा में एक बड़ा कदम है।”
अरुणाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यापारिक समुदाय के साथ हुई यह बातचीत नई जीएसटी दरों के प्रभाव को समझने और बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है। इस संवाद से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार स्थानीय स्तर पर व्यापारियों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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