Chhatron Ki Goonj : कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों और युवाओं के बीच दिखाई दे रहे उत्साह का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह का जोश किसी भी देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। थरूर ने नई पीढ़ी को अपनी आवाज के साथ नेतृत्व की तलाश करने वाली पीढ़ी के तौर पर भी रेखांकित किया।
नई पीढ़ी अपनी आवाज और नेतृत्व तलाश रही
थरूर ने अपनी पोस्ट में युवाओं के उत्साह को देश की प्रगति से जोड़ते हुए टिप्पणी की। उनके मुताबिक, युवा पीढ़ी केवल अपनी बात रखने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि नेतृत्व की भूमिका भी तलाश रही है। उनकी ताजा टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं से जुड़े शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था जैसे विषयों को अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में उठा रहे हैं।
छात्रों से संवाद पर केंद्रित है अभियान
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत राहुल गांधी छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याओं और अनुभवों पर चर्चा कर रहे हैं। अभियान में शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। इंदौर में 19 सितंबर को हुए कार्यक्रम में भी छात्रों ने शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े सवाल सामने रखे।
थरूर पहले भी अभियान पर उठा चुके हैं सवाल
शशि थरूर अगस्त में भी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं। उस समय उन्होंने कहा था कि अभियान को छात्रों से वैसा समर्थन नहीं मिला, जैसा उस दौर के कुछ अन्य छात्र प्रदर्शनों को मिला था। उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि क्या स्थापित राजनीतिक दल नई पीढ़ी और खासकर Gen Z के मुद्दों को पर्याप्त रूप से समझ पा रहे हैं। बाद में थरूर ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी को कांग्रेस या पार्टी नेतृत्व पर हमले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
युवाओं को राजनीति में भूमिका देने की बात
थरूर ने पहले भी कहा है कि राजनीतिक दलों को नई पीढ़ी की आवाज सुनने की जरूरत है। उनका जोर इस बात पर रहा है कि युवाओं को केवल राजनीतिक कार्यक्रमों या रैलियों में भीड़ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, नई पीढ़ी को राजनीति और सार्वजनिक जीवन में अपनी भूमिका निभाने के अवसर मिलने चाहिए। उनकी ताजा टिप्पणी भी इसी व्यापक चर्चा के संदर्भ में सामने आई है।
इंदौर कार्यक्रम से पहले सुरक्षा को लेकर विवाद
राहुल गांधी के 19 सितंबर के इंदौर कार्यक्रम से पहले आयोजन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया था। इंदौर पुलिस ने कार्यक्रम के लिए 31 शर्तें रखी थीं। इन शर्तों में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की जांच से जुड़े जस्टिस जेएस वर्मा आयोग के संदर्भ का भी उल्लेख था। कांग्रेस ने इन शर्तों पर आपत्ति जताई, जबकि पुलिस की ओर से इन्हें सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित बताया गया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की मिमिक्री पर विवाद
इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री किए जाने का मामला भी चर्चा में रहा। सामने आए वीडियो और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यक्रम में एक प्रस्तुति के दौरान मोदी की नकल की गई और राहुल गांधी उस दौरान हंसते हुए नजर आए। इसके बाद बीजेपी नेताओं ने इस घटना को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तुति में प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां से जुड़े आपत्तिजनक संदर्भ शामिल थे।
छात्रों के मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के साथ छात्रों की शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और भर्ती से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आए हैं। इंदौर कार्यक्रम में भी छात्रों ने अपनी समस्याएं सामने रखीं और राहुल गांधी ने उनके साथ संवाद किया। इस बीच शशि थरूर की ताजा टिप्पणी ने युवाओं की राजनीतिक भागीदारी और नई पीढ़ी के साथ राजनीतिक दलों के संवाद को लेकर चल रही बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।
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