Trump Iran Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी टकराव के बीच रविवार को कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति एक अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है। ट्रंप ने तेहरान से अपना रुख बदलने की अपील करते हुए गंभीर परिणामों की चेतावनी दी। एक इंटरव्यू में उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक विकल्पों का जिक्र किया और कहा कि आने वाले समय में बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।
सैन्य कार्रवाई और कूटनीति दोनों विकल्प खुले
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ कई विकल्प मौजूद हैं। उनके मुताबिक, अमेरिका चाहे तो ईरान पर बेहद कठोर कार्रवाई कर सकता है, उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है या फिर कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बात का भी संकेत दिया कि मौजूदा तनाव के बीच बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत की संभावना
संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई लेवल वीक की शुरुआत से पहले अंतरराष्ट्रीय बैठकों के बीच ट्रंप ने कूटनीतिक बातचीत के लिए संभावित तैयारी का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि वह ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ बातचीत के लिए संभवतः तैयार हो सकते हैं। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रशासन सैन्य विकल्पों के साथ-साथ बातचीत के जरिए समाधान की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है।
हूतियों को लेकर भी बढ़ी अमेरिकी चिंता
ट्रंप ने यमन के हूती संगठन से जुड़े घटनाक्रम पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब पर हालिया बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद अमेरिका हूतियों के संपर्क में है। ट्रंप के अनुसार, हूतियों ने अमेरिकी नागरिकों पर हमला नहीं करने को लेकर सहमति जताई है। हालांकि, क्षेत्रीय तनाव के बीच यमन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर अमेरिकी प्रशासन की चिंताएं बनी हुई हैं।
हूतियों के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर चर्चा
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी प्रशासन हूतियों के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इसी दौरान ट्रंप ने कैंप डेविड की अपनी यात्रा बीच में समाप्त कर वॉशिंगटन लौटने का फैसला किया था। घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि ईरान के साथ तनाव के अलावा यमन से जुड़ा मोर्चा भी अमेरिकी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है।
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरे पर नजर रख रहीं
सीएनएन के नेशनल सिक्योरिटी एनालिस्ट एलेक्स प्लिटसास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि राष्ट्रपति के रिट्रीट में यमन के खिलाफ संभावित हमलों के विकल्पों पर चर्चा और समीक्षा की गई। इसके बाद मध्य पूर्व में अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने नागरिकों को संभावित जवाबी हमलों के खतरे को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। क्षेत्रीय तनाव के कारण सुरक्षा स्थिति लगातार जटिल बनी हुई है।
सऊदी क्राउन प्रिंस ने भी हूती खतरे पर जताई चिंता
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पहले ही हूती संगठन से जुड़े खतरे को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर निर्दोष यमनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं होती, तो सैन्य कार्रवाई के जरिए संघर्ष को जल्दी समाप्त किया जा सकता था। इस बयान के बीच अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों से जुड़े ड्रोन और मिसाइल हमलों के संभावित खतरे को देखते हुए नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों पर नजर रखने को कहा है।
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए रखीं शर्तें
ईरान की ओर से भी कूटनीतिक पहल के संकेत मिले हैं। ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि तेहरान ने कतर की मध्यस्थता के जरिए संघर्ष समाप्त करने की अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं। इनमें सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, राष्ट्रीय फंड को अनफ्रीज करना और नौसैनिक नाकेबंदी हटाना शामिल बताया गया है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में संकट पर होगी चर्चा
एक ओर अमेरिकी प्रशासन सैन्य तैयारियों और संभावित कूटनीतिक विकल्पों पर विचार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर दुनिया के कई देशों के नेता संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई लेवल वीक के लिए न्यूयॉर्क पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में पश्चिम एशिया में जारी तनाव अंतरराष्ट्रीय बैठकों और कूटनीतिक चर्चाओं का प्रमुख मुद्दा बन सकता है। ईरान, अमेरिका और क्षेत्रीय संगठनों के बीच आगे की बातचीत पर दुनिया की नजर रहेगी।
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