PM Banaskantha Rally : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों का कल्याण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर किसानों से किया गया वादा पूरा किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह पिछले 25 वर्षों से किसानों की सेवा कर रहे हैं और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

बदलते मौसम से किसानों को चुनौती, फसल बीमा का सुरक्षा कवच
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बदलते मौसम और खेती पर उसके प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव किसानों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। कभी बेमौसम बारिश तो कभी अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण फसलों को नुकसान पहुंचता है। मोदी के मुताबिक, ऐसे नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए सरकार ने फसल बीमा योजना का सुरक्षा कवच उपलब्ध कराया है।

पीएम किसान सम्मान निधि की राशि किसानों के खातों में पहुंची
पीएम मोदी ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देश के करोड़ों किसानों को सीधे आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि आज करीब 10 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है। गुजरात के 50 लाख से ज्यादा किसानों को भी इस किस्त का लाभ मिला है और उनके खातों में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक जमा हुए हैं।
बनासकांठा के किसानों को मिले करीब 50 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री ने कहा कि बनासकांठा के लाखों किसान परिवारों के बैंक खातों में भी करीब 50 करोड़ रुपये पहुंचे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में सरकार की नीतियों के कारण किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है या उनकी बचत हुई है। पीएम के अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से अब तक करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपये सीधे छोटे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाए जा चुके हैं।
कृषि बजट में पांच गुना से अधिक बढ़ोतरी का दावा
प्रधानमंत्री ने किसानों को विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने कृषि क्षेत्र के बजट में भी बड़ा इजाफा किया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में देश का कृषि बजट अब पांच गुना से अधिक हो गया है। मोदी ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि करोड़ों छोटे किसानों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।

खेती और पशुपालन को तकनीक से जोड़ने पर जोर
मोदी ने कहा कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। सरकार ने कृषि और पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में काम किया है। उन्होंने बताया कि किसानों को अब तक 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इन कार्डों से किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता और पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है, जिससे खेती के फैसले लेने में मदद मिलती है।
डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका और तकनीक का इस्तेमाल
प्रधानमंत्री ने पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में महिलाओं की बड़ी भागीदारी है। पिछले एक दशक में सरकार ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में विज्ञान तथा तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों की आय के अतिरिक्त साधन विकसित करने में मदद मिल सकती है।
उर्वरकों की बढ़ती कीमतों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में जारी अनिश्चितताओं के बावजूद सरकार ने किसानों पर इसका अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया। उन्होंने दावा किया कि उर्वरक सब्सिडी और किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
चारपाई पर बैठकर सभा, ग्रामीण परंपरा का उल्लेख
बनासकांठा की सभा में ग्रामीण परंपरा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों का चारपाई पर बैठना गांवों की संस्कृति को दर्शाता है। उन्होंने इस परंपरा को जीवित रखने के लिए स्थानीय लोगों की सराहना की। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने किसानों को विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला वर्ग बताया।


