PM Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे। यह संबोधन ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत आर्थिक और विदेश नीति के कई अहम मोड़ों से गुजर रहा है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी अमेरिका के टैरिफ फैसले, H-1B वीजा नियमों में बदलाव और हाल ही में लागू हुए GST रिफॉर्म पर अपनी बात रख सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक एजेंडा अभी सरकार की ओर से साझा नहीं किया गया है।

अमेरिका-भारत टैरिफ विवाद: चुनौतीपूर्ण दौर
अमेरिका ने हाल ही में भारत पर 50% टैरिफ लगाया है। ट्रंप प्रशासन ने पहले 25% टैरिफ 7 अगस्त से और फिर अतिरिक्त 25% टैरिफ 27 अगस्त से लागू किया, जो भारत द्वारा अमेरिकी शर्तें न मानने और रूस से तेल खरीद जारी रखने के कारण लगाया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत अपनी संप्रभुता और किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

H-1B वीजा में बड़ा बदलाव: भारतीय पेशेवरों पर असर
19 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप ने नए H-1B वीजा नियमों पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत नए आवेदकों के लिए वीजा फीस अब $1,00,000 प्रति वर्ष तय की गई है। यह भारी शुल्क अगले छह वर्षों तक लागू रहेगा और केवल नए आवेदकों को प्रभावित करेगा। यह कदम भारतीय आईटी पेशेवरों और अमेरिकी कंपनियों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। 21 सितंबर से यह नियम प्रभावी हो गया है।
GST रिफॉर्म 2025: टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव
वित्त मंत्रालय ने 17 सितंबर 2025 को नए GST दरों की अधिसूचना जारी की, जो 22 सितंबर से लागू होंगी। नए सिस्टम में पुराने 5 स्लैब (0%, 5%, 12%, 18%, 28%) को सरल करते हुए अब केवल दो मुख्य दरें रखी गई हैं—5% और 18%। 12% और 28% स्लैब को खत्म कर दिया गया है। इसके अलावा, लक्ज़री और ‘सिन’ उत्पादों (पान मसाला, सिगरेट, शराब, लग्जरी कारें आदि) पर अब 40% टैक्स लगाया जाएगा, जिसमें पूर्व में लगने वाला उपकर (Cess) अब नहीं लगेगा।
आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ता कदम
प्रधानमंत्री मोदी लगातार ‘स्वदेशी अपनाओ’ का संदेश दे रहे हैं। उनका मानना है कि स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देने से देश की आत्मनिर्भरता मजबूत होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आज के संबोधन में भी इस दिशा में कुछ अहम घोषणाएं संभव हैं।आज का पीएम मोदी का संबोधन आर्थिक मोर्चे पर देश के लिए दिशा तय कर सकता है। टैरिफ विवाद, वीजा संकट और टैक्स सुधार जैसे मुद्दे न केवल घरेलू जनता को प्रभावित करते हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति भी निर्धारित करते हैं।

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