Prashant Kishor: जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान पीके ने कहा कि यदि भाजपा में दम है तो वह खुलकर यह कहे कि बांकीपुर के युवाओं को नौकरी नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ऐसा बयान सामने आने पर भाजपा की स्थिति बेहद खराब हो सकती है। प्रशांत किशोर ने कहा कि केवल चुनावी वादे करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि किए गए वादों को जमीन पर पूरा करके दिखाना होगा।

‘बांकीपुर के बच्चों को नौकरी नहीं मिलनी चाहिए’ कहकर दिखाए बीजेपी
प्रशांत किशोर ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर पार्टी को उनके रोजगार संबंधी दावे पर आपत्ति है तो उसे साफ-साफ कहना चाहिए कि बांकीपुर के बच्चों को नौकरी नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसा करके देखे, फिर जनता का जवाब सामने आ जाएगा। पीके ने अपने बयान में चुनाव के दौरान सामने आए कथित ‘कुत्ता-बिल्ली’ वाले विवाद का भी जिक्र किया और दावा किया कि इस बार राजनीतिक प्रतिक्रिया उससे भी ज्यादा तीखी हो सकती है।

सिर्फ घोषणा नहीं, परिणाम से देंगे जवाब
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं को रोजगार देने की अपनी घोषणा पर उठ रहे सवालों के बीच प्रशांत किशोर ने कहा कि वह अपने काम के जरिए जवाब देंगे। उनका कहना है कि किसी भी दावे की असली परीक्षा उसके परिणाम से होती है। अगर वह अपने वादे को पूरा करने में सफल रहते हैं तो यही उनके आलोचकों के सवालों का सबसे बड़ा जवाब होगा। उन्होंने कहा कि जनता को केवल बयान नहीं, बल्कि वास्तविक बदलाव दिखाई देना चाहिए।
स्कूलों की स्थिति सुधारने का भी किया वादा
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के स्कूलों की स्थिति सुधारने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके साथ ही जरूरतमंद छात्रों की फीस में सहायता करने की बात भी उन्होंने कही। पीके ने संकेत दिया कि शिक्षा और रोजगार को लेकर उनका फोकस केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र में ठोस स्तर पर काम करने की कोशिश की जाएगी।
10 हजार युवाओं को रोजगार दिलाने की घोषणा
जन सुराज प्रमुख ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वह अगले दो वर्षों के दौरान बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के कम से कम 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने का प्रयास करेंगे। इस घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। विरोधी दल और राजनीतिक विश्लेषक इस लक्ष्य की व्यवहारिकता पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं प्रशांत किशोर का कहना है कि उनकी प्रतिबद्धता का आकलन समय पूरा होने के बाद किया जाना चाहिए।

‘10 हजार युवाओं को नौकरी देना बड़ा काम’
प्रशांत किशोर ने स्वीकार किया कि 10 हजार युवाओं को रोजगार दिलाना आसान लक्ष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाना अपने आप में बड़ा काम होगा। हालांकि, उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा कि वह यह देखने की कोशिश करेंगे कि इस लक्ष्य को हासिल करने में कितनी सफलता मिलती है। उनका कहना है कि आलोचनाओं का जवाब काम पूरा करके ही दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। राज्य में कथित तौर पर बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और छवि पर टिप्पणी की। पीके ने आरोप लगाया कि जब राज्य के शीर्ष पद पर ऐसा व्यक्ति बैठा हो, जिसे वह ‘आपराधिक चरित्र’ वाला मानते हैं, तब अपराध और समाज के मुद्दे पर चर्चा करना उनके अनुसार बेमानी हो जाता है।
अपराध को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में अपराध को रोकने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि शासन के शीर्ष स्तर पर भी स्पष्ट संदेश और मजबूत नेतृत्व जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के शीर्ष पद पर बैठा व्यक्ति ही कथित तौर पर आपराधिक छवि से जुड़ा हो, तो राज्य में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उनके इस बयान से बिहार की सियासत में नया विवाद खड़ा होने की संभावना है।
‘गलत व्यक्ति’ को सत्ता देने का परिणाम भुगतेगी जनता
पीके ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को यह तय करना होता है कि वह किसे सत्ता सौंपती है। उन्होंने कहा कि यदि जनता किसी ‘गलत व्यक्ति’ को सत्ता में बैठाती है तो उसके परिणाम भी उसी के अनुरूप सामने आएंगे। उनके मुताबिक, सरकार के कामकाज और राज्य की स्थिति के लिए नेतृत्व की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी आधार पर उन्होंने बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा।
बांकीपुर उपचुनाव जीतने के बाद बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
प्रशांत किशोर हाल ही में बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल कर चुके हैं। इस जीत के बाद बिहार की राजनीति में उनकी सक्रियता और बढ़ गई है। अब वह अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार को लेकर कई घोषणाएं कर रहे हैं। 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने का लक्ष्य भी इसी राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे का हिस्सा माना जा रहा है।
रोजगार के वादे की अब होगी असली परीक्षा
प्रशांत किशोर के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने रोजगार संबंधी वादे को धरातल पर उतारने की होगी। उन्होंने अगले दो वर्षों में कम से कम 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की बात कही है। अब राजनीतिक विरोधियों के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों की नजर भी इस लक्ष्य की दिशा में होने वाली प्रगति पर रहेगी। पीके का कहना है कि वह अपने काम से साबित करेंगे कि उनका दावा केवल राजनीतिक बयान नहीं है।
बिहार की राजनीति में तेज हुई बयानबाजी
प्रशांत किशोर के ताजा बयानों में भाजपा, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तीनों पर निशाना साधा गया है। एक ओर उन्होंने बांकीपुर के युवाओं के रोजगार और शिक्षा को लेकर अपनी योजनाएं सामने रखीं, वहीं दूसरी ओर राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला बोला। ऐसे में उनके बयानों से बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
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