Project Sahara: राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 1739 दिव्यांगजनों को आधुनिक सहायक उपकरण वितरित किए। इस पहल के अंतर्गत लगभग 3 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग, हियरिंग एड, वैशाखी, वॉकिंग स्टिक और अन्य आवश्यक उपकरण प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए 7 करोड़ रुपये की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम के जीर्णोद्धार, मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए 7 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बेहतर खेल अधोसंरचना केवल खिलाड़ियों के विकास के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और जनहितकारी आयोजनों के सफल संचालन के लिए भी आवश्यक है। उनके अनुसार आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्टेडियम भविष्य में विभिन्न बड़े आयोजनों की मेजबानी करने में सक्षम होगा।

दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को बताया सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान समान अवसर, सम्मान और समावेशी सोच से होती है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए सरकार शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शासन का उद्देश्य प्रत्येक दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक अपनी भूमिका निभा सकें।
प्रधानमंत्री मोदी की पहल का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के प्रति समाज की सोच बदलने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने बताया कि पहले जिस वर्ग को अलग नजरिए से देखा जाता था, उसे “दिव्यांग” संबोधन देकर सम्मान और आत्मगौरव का नया संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल शब्दों का परिवर्तन नहीं, बल्कि समाज की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। राज्य सरकार भी “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र पर चलते हुए इसी दिशा में कार्य कर रही है।
आधुनिक उपकरणों से बढ़ेगा आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता
कार्यक्रम में वितरित किए गए उपकरणों को मुख्यमंत्री ने केवल सहायता सामग्री नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वावलंबन की नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, कृत्रिम हाथ-पैर और अन्य उपकरण दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में अधिक सुविधा प्रदान करेंगे तथा उन्हें शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगे।

विशेष स्क्रीनिंग अभियान से हुई हजारों लाभार्थियों की पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर जिले में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाकर 1600 से अधिक दिव्यांगजनों की पहचान की गई। इस अभियान के लिए भारत सरकार से 3 करोड़ 58 लाख रुपये की सहायता प्राप्त हुई। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सका है।
सरकारी योजनाओं और सुशासन पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण, कौशल विकास, पुनर्वास और सहायक उपकरण वितरण जैसी योजनाओं का व्यापक स्तर पर संचालन कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी योजनाओं से लाखों लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत करीब 70 लाख महिलाओं को 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
‘सेवा सेतु’ ऐप और नवाचारों की सराहना
मुख्यमंत्री ने सुशासन को मजबूत बनाने के लिए शुरू किए गए ‘सेवा सेतु’ ऐप और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से 36 विभागों की 500 से अधिक सेवाएं नागरिकों को घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यक्रम में उन्होंने जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट धड़कन, सुरक्षा, दधीचि, निःक्षय मित्र, वंदन और गोल्डन आवर जैसे नवाचारों की सराहना की। इस अवसर पर प्रोजेक्ट सरल और प्रोजेक्ट गोल्डन आवर का शुभारंभ भी किया गया तथा “नवाचार से प्रगति पथ पर अग्रसर रायपुर” कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, प्रमुख सचिव समाज कल्याण शहला निगार, संभागायुक्त श्याम धावड़े, कलेक्टर गौरव सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, समाजसेवी, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और उनके परिजन उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने प्रोजेक्ट ‘सहारा’ को दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
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