Korba PG College Controversy: छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित शासकीय ईवीपीजी कॉलेज में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के बाद जिला प्रशासन और महाविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है। कॉलेज के प्राचार्य, प्राध्यापकों तथा शैक्षणिक और अशैक्षणिक कर्मचारियों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रतीक जैन (IAS) के खिलाफ कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे पूरे महाविद्यालय का माहौल प्रभावित हुआ।

‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के दौरान हुआ विवाद
रविवार को शासकीय ईवीपीजी कॉलेज परिसर में “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसमें युवाओं से नशामुक्त जीवन अपनाने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच कथित रूप से तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।

प्राचार्य और प्राध्यापकों ने लगाए अभद्र व्यवहार के आरोप
महाविद्यालय प्रशासन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम शुरू होने से लगभग 30 मिनट पहले जिला पंचायत सीईओ ने विद्यार्थियों की मौजूदगी में कॉलेज के प्राचार्य और कई प्राध्यापकों के साथ अनुचित एवं अपमानजनक व्यवहार किया। कर्मचारियों का दावा है कि इस दौरान निलंबन जैसी कार्रवाई की धमकी भी दी गई। उनका कहना है कि इस घटना से शिक्षकों और कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हुआ है तथा वे मानसिक रूप से आहत महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है। इसके साथ ही ज्ञापन की प्रतिलिपि उच्च शिक्षा संचालनालय, नवा रायपुर के आयुक्त को भी भेजी गई है। इस ज्ञापन पर कॉलेज के अनेक वरिष्ठ प्राध्यापकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए हैं। महाविद्यालय परिवार का कहना है कि शिक्षण संस्थानों की गरिमा बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
सीईओ प्रतीक जैन ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं थीं और उन्होंने केवल उन्हें सुधारने के लिए प्राचार्य से चर्चा की थी। सीईओ के अनुसार, इसी दौरान प्राचार्य के एक करीबी सहायक प्राध्यापक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने दावा किया कि घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से कलेक्टर को माफीनामा भी सौंपा गया है।

उच्च शिक्षा आयुक्त को भेजा गया अलग पत्र
प्रतीक जैन ने बताया कि कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अपनी ओर से उच्च शिक्षा आयुक्त को भी एक विस्तृत पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में बेहतर समन्वय और अनुशासन सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों और संस्थानों की जिम्मेदारी है। मामले में आगे की कार्रवाई सक्षम स्तर पर की जाएगी।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, वाणिज्य कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में महापौर संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर कुणाल दुदावत, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, अभियान के नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह सहित जिला प्रशासन और महाविद्यालय के कई अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। अब दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच सभी की निगाहें प्रशासन द्वारा होने वाली संभावित जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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