Gen Z Politics: राहुल गांधी के ‘Gen Z’ पोस्ट पर सियासी तूफान, संजय राउत बोले – ‘उनमें वह साहस है जो प्रधानमंत्री में नहीं’

Gen Z Politics: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों और ‘Gen Z’ को लेकर की गई टिप्पणी के बाद देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। जहां भाजपा ने राहुल के बयान को माओवादी मानसिकता करार दिया, वहीं विपक्षी दलों—शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरद पवार गुट)—ने राहुल गांधी का मजबूती से बचाव किया है। संजय राउत का राहुल गांधी को समर्थन शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने राहुल गांधी के ‘जेन-जी’ बयान और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाले पोस्ट का समर्थन करते हुए कहा “राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, यह एक संवैधानिक पद है। उनमें वह साहस है जो हमारे प्रधानमंत्री में नहीं है। सैकड़ों पत्रकारों के सामने खुलकर बोलना राहुल की बहादुरी है। वे लगातार देश के सामने सच रख रहे हैं।” राउत ने भाजपा पर पलटवार करते हुए यह भी कहा कि राहुल गांधी निडर होकर लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। सुप्रिया सुले बोलीं—चुनाव आयोग को देना चाहिए जवाब एनसीपी (शरद पवार गुट) की वरिष्ठ सांसद सुप्रिया सुले ने भी राहुल गांधी के पक्ष में आवाज़ बुलंद करते हुए कहा कि,”राहुल गांधी ने जो आरोप लगाए हैं, वे किसी राजनीतिक दल पर नहीं, बल्कि चुनाव आयोग पर हैं। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और उसे ही इन आरोपों का जवाब देना चाहिए। भाजपा या किसी अन्य पार्टी को इस पर प्रतिक्रिया देने की ज़रूरत नहीं है।”उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने एक प्रेजेंटेशन के जरिए आंकड़ों के साथ अपना पक्ष रखा है, जो कि एक जिम्मेदार विपक्षी नेता का काम होता है। फडणवीस के ‘माओवादी’ बयान पर पलटवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के ‘Gen Z’ बयान को माओवादी मानसिकता से जोड़ते हुए उन पर निशाना साधा था। इस पर सुप्रिया सुले ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “Gen Z का मतलब नई पीढ़ी है। इसमें माओवाद कहां से आया? मुख्यमंत्री का ऐसा बयान हास्यास्पद है।” क्या है पूरा मामला? दरअसल, राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि देश में एक संगठित साजिश के तहत विपक्ष के वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इस पर विस्तृत प्रेजेंटेशन देते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ‘Gen Z’ यानी नई पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए युवाओं की भूमिका अब पहले से कहीं ज्यादा अहम है। राहुल गांधी के बयान के बाद जहां भाजपा हमलावर है, वहीं विपक्षी दल खुलकर उनके समर्थन में आ गए हैं। शिवसेना और एनसीपी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि विपक्ष का काम केवल सवाल उठाना नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाना भी है। अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि वह इन आरोपों का क्या जवाब देता है। Read More: Sam Pitroda remark: सैम पित्रोदा का विवादित बयान, ‘पाकिस्तान को घर जैसा’ बताने पर कांग्रेस नेता ने तोड़ी चुप्पी

Gen Z Politics: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों और ‘Gen Z’ को लेकर की गई टिप्पणी के बाद देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। जहां भाजपा ने राहुल के बयान को माओवादी मानसिकता करार दिया, वहीं विपक्षी दलों—शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरद पवार गुट)—ने राहुल गांधी का मजबूती से बचाव किया है।

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संजय राउत का राहुल गांधी को समर्थन

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने राहुल गांधी के ‘जेन-जी’ बयान और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाले पोस्ट का समर्थन करते हुए कहा “राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, यह एक संवैधानिक पद है। उनमें वह साहस है जो हमारे प्रधानमंत्री में नहीं है। सैकड़ों पत्रकारों के सामने खुलकर बोलना राहुल की बहादुरी है। वे लगातार देश के सामने सच रख रहे हैं।” राउत ने भाजपा पर पलटवार करते हुए यह भी कहा कि राहुल गांधी निडर होकर लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

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सुप्रिया सुले बोलीं—चुनाव आयोग को देना चाहिए जवाब

एनसीपी (शरद पवार गुट) की वरिष्ठ सांसद सुप्रिया सुले ने भी राहुल गांधी के पक्ष में आवाज़ बुलंद करते हुए कहा कि,”राहुल गांधी ने जो आरोप लगाए हैं, वे किसी राजनीतिक दल पर नहीं, बल्कि चुनाव आयोग पर हैं। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और उसे ही इन आरोपों का जवाब देना चाहिए। भाजपा या किसी अन्य पार्टी को इस पर प्रतिक्रिया देने की ज़रूरत नहीं है।”उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने एक प्रेजेंटेशन के जरिए आंकड़ों के साथ अपना पक्ष रखा है, जो कि एक जिम्मेदार विपक्षी नेता का काम होता है।

फडणवीस के ‘माओवादी’ बयान पर पलटवार

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के ‘Gen Z’ बयान को माओवादी मानसिकता से जोड़ते हुए उन पर निशाना साधा था। इस पर सुप्रिया सुले ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “Gen Z का मतलब नई पीढ़ी है। इसमें माओवाद कहां से आया? मुख्यमंत्री का ऐसा बयान हास्यास्पद है।”

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि देश में एक संगठित साजिश के तहत विपक्ष के वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इस पर विस्तृत प्रेजेंटेशन देते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ‘Gen Z’ यानी नई पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए युवाओं की भूमिका अब पहले से कहीं ज्यादा अहम है।

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राहुल गांधी के बयान के बाद जहां भाजपा हमलावर है, वहीं विपक्षी दल खुलकर उनके समर्थन में आ गए हैं। शिवसेना और एनसीपी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि विपक्ष का काम केवल सवाल उठाना नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाना भी है। अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि वह इन आरोपों का क्या जवाब देता है।

Read More: Sam Pitroda remark: सैम पित्रोदा का विवादित बयान, ‘पाकिस्तान को घर जैसा’ बताने पर कांग्रेस नेता ने तोड़ी चुप्पी

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