Rajya Sabha Controversy : संसद के मानसून सत्र का 12वां दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दलों ने बिहार में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन मामले को लेकर प्रदर्शन जारी रखा, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

CISF विवाद बना सियासत का नया मुद्दा
राज्यसभा में मंगलवार को विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 1 जुलाई को राज्यसभा में कथित रूप से CISF कमांडो बुलाए जाने का मुद्दा उठाया। खड़गे ने उपसभापति हरिवंश नारायण से सीधे सवाल किया, “सदन में CISF बुलाया गया था, तो क्या यह सदन आप चला रहे हैं या अमित शाह?”

इस पर उपसभापति हरिवंश सिंह ने सफाई दी कि सदन में कोई CISF नहीं, बल्कि केवल मार्शल तैनात थे। खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना हमारा अधिकार है और हम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से विरोध करते रहेंगे।
जेपी नड्डा का पलटवार
इस विवाद पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “विपक्ष का तरीका पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। वे नियमों को नहीं मानते और सदन चलने नहीं दे रहे हैं।” नड्डा ने तंज कसते हुए कहा, “विपक्ष में रहने का ट्यूशन मुझसे ले लो, क्योंकि अगले 30-40 साल विपक्ष में ही रहना है।”
11 दिन में सिर्फ दो दिन चला सदन
21 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में अब तक विपक्ष के विरोध के चलते अधिकांश कार्यवाही बाधित रही है। सिर्फ 28 और 29 जुलाई को सदन में पूरे दिन चर्चा हो सकी, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की गई थी। शेष दिनों में या तो हंगामा हुआ या सदन बार-बार स्थगित करना पड़ा।
लोकसभा में आ सकते हैं दो अहम विधेयक
इस बीच सरकार की ओर से लोकसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश किए जाने की संभावना है:नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025 – यह कानून देश में खेल संगठनों के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लाया जा रहा है। इसका मकसद खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना और खेल संघों (जैसे BCCI, IOA, हॉकी इंडिया) में जवाबदेही तय करना है।
नेशनल एंटी-डोपिंग (संशोधन) बिल – यह बिल डोपिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए लाया गया है। इसके तहत नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) को ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे और इसे एक स्वतंत्र संस्था के रूप में संचालित किया जाएगा, ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो।
संसद का यह सत्र राजनीतिक टकरावों और गतिरोधों के बीच गुजरता नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि शेष बचे दिनों में सदन कोई ठोस काम कर पाएगा या नहीं।
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