Russia Ukraine War
Russia Ukraine War: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक आवास पर हुए हालिया ड्रोन हमले ने विश्व राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस घटना के तुरंत बाद रूस ने एक ऐसा कदम उठाया है जिससे तीसरे विश्व युद्ध का खतरा और गहरा गया है। रूस ने पहली बार अपनी अत्याधुनिक और परमाणु क्षमता से लैस ‘ओरेशनिक’ (Oreshnik) मिसाइल प्रणाली को सक्रिय सेवा (Active Duty) में शामिल कर दिया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ये मिसाइलें अब किसी भी समय हमले के लिए तैयार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यूक्रेन के लिए पुतिन की ओर से अब तक की सबसे बड़ी और खतरनाक चेतावनी है।
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ओरेशनिक मिसाइल प्रणालियों को पड़ोसी देश और रूस के करीबी सहयोगी बेलारूस में तैनात किया गया है। मिसाइलों को सक्रिय करने के अवसर पर रूसी सैनिकों ने एक संक्षिप्त समारोह आयोजित किया। हालांकि सुरक्षा कारणों से मिसाइलों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इनकी तैनाती रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बेलारूस से ये मिसाइलें न केवल यूक्रेन, बल्कि पूरे यूरोप को अपनी जद में लेती हैं। यह तैनाती उस समय हुई है जब यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति वार्ताओं के प्रयास किए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट शब्दों में यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों को चेतावनी दी है। पुतिन का कहना है कि यदि कीव और नाटो देश क्रेमलिन की शर्तों पर शांति वार्ता के लिए तैयार नहीं होते हैं, तो रूस अपनी सैन्य बढ़त को और आक्रामक बनाएगा। पुतिन ने इस हमले की जानकारी नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी दी है। ट्रंप ने यूक्रेन की इस हरकत पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे ‘शांति प्रक्रिया में बाधक’ बताया है। पुतिन खुद को एक मजबूत स्थिति में रखकर बातचीत करना चाहते हैं और ओरेशनिक की तैनाती इसी शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा है।
ओरेशनिक मिसाइल, जिसे रूसी भाषा में ‘हेजलनट ट्री’ कहा जाता है, अपनी मारक क्षमता के कारण दुनिया के सबसे घातक हथियारों में गिनी जाती है। पुतिन के अनुसार, इसके वॉरहेड्स ध्वनि की गति से दस गुना तेज़ यानी ‘मैक 10’ की रफ्तार से अपने लक्ष्य पर गिरते हैं। दुनिया का कोई भी वर्तमान मिसाइल डिफेंस सिस्टम इसे रोकने में सक्षम नहीं है। यह मिसाइल पारंपरिक विस्फोटक के साथ-साथ परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है। इसकी रेंज 500 से 5,500 किलोमीटर तक है, जो इसे इंटरमीडिएट-रेंज की श्रेणी में रखती है। रूस ने पहली बार नवंबर 2024 में यूक्रेन के डनीप्रो में इसका परीक्षण किया था।
वर्तमान में यूक्रेनी सेना रूसी बढ़त को रोकने के लिए कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। पुतिन ने स्पष्ट किया है कि रूसी सैनिक डोनेट्स्क और जापोरिज्जिया क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। शांति वार्ता के बीच सबसे बड़ा पेंच जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र और सैन्य बफर जोन को लेकर फंसा हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि दोनों पक्ष समझौते के करीब हैं, लेकिन ओरेशनिक की सक्रिय तैनाती ने वार्ता की मेज पर तनाव बढ़ा दिया है। यदि रूस इन मिसाइलों का उपयोग करता है, तो यह केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।
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