Samajwadi Party Split : उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) में बगावत और टूट का दावा किए जाने के बाद से राज्य की राजनीति में नया उबाल आ गया है। राजभर ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सपा में जल्द ही बड़ी टूट देखने को मिलेगी, जिसके जवाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने जोरदार पलटवार किया है। संजय सिंह ने कहा कि राजभर का यह दावा निराधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामगोपाल यादव द्वारा अमित शाह को लिखी गई कथित चिट्ठी के बारे में उन्होंने सच्चाई पता कर ली है। सिंह ने दावा किया कि असलियत यह है कि रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर यह कहा था कि भारतीय जनता पार्टी के दो-तिहाई सांसद टूटकर सपा में आने को तैयार हैं।

राम मंदिर दान विवाद: ‘एसआईटी जांच को बताया महज एक झुनझुना’
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और इसमें हो रही कथित धांधली पर संजय सिंह ने योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने एसआईटी (SIT) जांच को महज एक ‘झुनझुना’ करार दिया और कहा कि जब सैकड़ों करोड़ की चोरी और भ्रष्टाचार के पुख्ता साक्ष्य सामने आ चुके हैं, तब भी किसी की गिरफ्तारी न होना और मंदिर ट्रस्ट को भंग न करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उनका नाम भ्रष्टाचार के हर मामले में सामने आता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में जमीन खरीद के दौरान भी करोड़ों के घोटाले हुए थे, लेकिन चंपत राय पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
संजय सिंह ने आगे मांग की कि इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच होनी चाहिए क्योंकि यह घोटाला कई वर्षों से चल रहा है। उन्होंने कहा कि घोटाले के असली स्तर का पता लगाने के लिए मामले में शामिल सभी संदिग्धों की तत्काल गिरफ्तारी अनिवार्य है। सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एसआईटी की कार्रवाई से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है; इसलिए, इस मामले की एक समयबद्ध जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच समयबद्ध तरीके से नहीं की गई, तो यह मामला केवल ‘तारीख पर तारीख’ में उलझकर रह जाएगा और दोषियों को कभी सजा नहीं मिलेगी।
बीजेपी पर ब्राह्मणों के अपमान का लगाया गंभीर आरोप
सियासी बयानबाजी के बीच, संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर ब्राह्मण समुदाय के अपमान का भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी शासन में ब्राह्मणों का जितना अपमान हुआ है, उतना शायद ही कहीं और हुआ हो। सिंह ने कहा कि इसके 365 उदाहरण आसानी से गिनाए जा सकते हैं। इस बयान के जरिए उन्होंने एक बार फिर बीजेपी को घेरा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय सिंह का यह बयान आगामी चुनावों के मद्देनजर बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने और सपा के साथ अपने गठबंधन को मजबूती देने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
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