Saurav Das Privacy Case : दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को कमेंटेटर अभिजीत अय्यर मित्रा समेत मामले से जुड़े अन्य प्रतिवादियों को समन जारी किया। यह कार्रवाई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास की ओर से दाखिल याचिका पर हुई है। दास ने आरोप लगाया है कि उनकी रिहायशी जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक कर दी गई, जिससे उनकी निजता, प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।
सौरव दास ने निजता और सुरक्षा की मांग की
सौरव दास ने अपनी निजी जानकारी के कथित खुलासे के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। याचिका में उन्होंने अपने निजता और सुरक्षा के अधिकार की रक्षा की मांग की है। इसके साथ ही कथित तौर पर उनकी निजी जानकारी सार्वजनिक करने के लिए संबंधित पक्षों से हर्जाना दिलाने की भी मांग की गई है। मामले में अभिजीत अय्यर मित्रा के अलावा कई लॉ पोर्टल और मीडिया संस्थानों को भी प्रतिवादी बनाया गया है।
निषेधाज्ञा आवेदनों पर भी कोर्ट ने जारी किया नोटिस
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सौरव दास की ओर से दाखिल निषेधाज्ञा यानी इंजंक्शन आवेदनों पर भी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया। अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के उस पक्ष पर भी गौर किया, जिसमें बताया गया कि संबंधित लिंक को प्लेटफॉर्म के अपने नियमों के तहत पहले ही हटा दिया गया था। इससे मामले में ऑनलाइन कंटेंट हटाने के पहलू पर भी ध्यान गया।
प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन
अदालत ने सभी संबंधित प्रतिवादियों को मामले और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अपना लिखित जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिनों का समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को निर्धारित की गई है। अगली सुनवाई में अदालत प्रतिवादियों के जवाब और दास की ओर से उठाए गए कानूनी मुद्दों पर आगे विचार कर सकती है।
निजी रिहायशी जानकारी ऑनलाइन साझा करने का आरोप
दास की याचिका का मुख्य आधार उनकी रिहायशी जानकारी के कथित ऑनलाइन खुलासे से जुड़ा है। उनका कहना है कि उनकी निजी लोकेशन और घर से संबंधित जानकारी सार्वजनिक होने के कारण उनके साथ-साथ परिवार की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अदालत से ऐसी सामग्री के प्रसार पर रोक लगाने और उनकी निजता की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
अय्यर मित्रा और मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की मांग
यह मामला उस घटनाक्रम के बाद सामने आया, जब दास ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें अभिजीत अय्यर मित्रा के साथ कई मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। दास का आरोप है कि संबंधित सामग्री के जरिए उनकी रिहायशी जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई, जिससे उनकी निजी जिंदगी और सुरक्षा पर असर पड़ने का खतरा है।
स्थायी और अनिवार्य इंजंक्शन की भी मांग
दास ने अदालत से स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा जारी करने का अनुरोध भी किया है। उन्होंने अय्यर, X, Google और विभिन्न लॉ पोर्टल तथा मीडिया प्लेटफॉर्म को उनकी रिहायशी जानकारी प्रकाशित, प्रसारित या सार्वजनिक करने से रोकने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने ऐसी जानकारी से जुड़े वीडियो, पोस्ट और अन्य ऑनलाइन सामग्री हटाने तथा उनकी सार्वजनिक पहुंच बंद करने के निर्देश की मांग की है।
घर में घुसने और वीडियो प्रसारित करने का दावा
दास ने इससे पहले अगस्त में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया था कि कुछ यूट्यूबर और मीडिया चैनल उनके घर में प्रवेश कर गए थे। उनके अनुसार, घर के अंदर के दृश्य भी प्रसारित किए गए। दास ने इसे अपनी निजता का गंभीर उल्लंघन बताते हुए अपने और परिवार के लिए सुरक्षा खतरा पैदा होने की बात कही थी।
दिल्ली पुलिस में भी दर्ज कराई शिकायत
कथित घटना के बाद दास ने दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की बात कही थी। उन्होंने घर में कथित जबरन प्रवेश, आपराधिक धमकी, मानहानि और आपराधिक साजिश जैसे आरोपों में कार्रवाई की मांग की। अब दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही याचिका के जरिए वह ऑनलाइन प्रसारित निजी जानकारी पर कानूनी रोक और सुरक्षा संबंधी राहत हासिल करना चाहते हैं।
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