Vande Mataram Controversy : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल समाज में विभाजन की मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का भी अपमान कर रहे हैं। नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘समरसता संकल्प दिवस’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश की जनता आने वाले समय में ऐसी सोच को बदलने का काम करेगी।
भारतीय संस्कृति की जड़ें बेहद मजबूत: भाजपा अध्यक्ष
नितिन नवीन ने कहा कि भारत की संस्कृति और सभ्यता ने सदियों से अनेक चुनौतियों का सामना किया है। अलग-अलग दौर में विदेशी शक्तियों ने लंबे समय तक देश पर शासन किया, लेकिन वे भारतीय संस्कृति की मूल भावना और परंपराओं को खत्म नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक जड़ें इतनी मजबूत हैं कि लंबे संघर्ष और बाहरी प्रभावों के बावजूद इसकी पहचान कायम रही।
‘वंदे मातरम’ को लेकर विपक्ष पर सीधा हमला
भाजपा अध्यक्ष ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यही गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बना था। उनके मुताबिक, शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए ‘वंदे मातरम’ एक भावनात्मक शक्ति रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी कुछ लोग इसका सम्मान नहीं करते।
जनता बदलेगी ऐसी राजनीतिक मानसिकता: नितिन नवीन
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की मिट्टी ने इतिहास में कई शक्तियों और विचारधाराओं को बदलते देखा है। उन्होंने इसी संदर्भ में लोदी और सिकंदर जैसी ऐतिहासिक शक्तियों का उल्लेख किया। भाजपा अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में देश की जनता उन लोगों की सोच को भी बदल देगी, जो ‘वंदे मातरम’ का अपमान करते हैं या समाज को बांटने की राजनीति करते हैं।
कांग्रेस सरकारों पर संसाधनों के बंटवारे का आरोप
नितिन नवीन ने पिछली कांग्रेस सरकारों पर भी राजनीतिक हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में देश के संसाधनों को धर्म और सामाजिक आधार पर बांटने की कोशिशें हुईं। इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्राथमिकता गरीबों और जरूरतमंदों को बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं में समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जाता है।
पीएम मोदी के गरीब कल्याण संकल्प का जिक्र
भाजपा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में प्रवेश करने से पहले प्रधानमंत्री लोकतंत्र के इस पवित्र मंदिर के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपने शुरुआती संबोधनों में ही सरकार को गरीबों के लिए समर्पित करने का संकल्प व्यक्त किया था। नितिन नवीन के अनुसार, सरकार की योजनाओं में जाति, समुदाय या पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता।
संत रविदास के विचारों को बनाया अभियान का आधार
कार्यक्रम में नितिन नवीन ने संत रविदास के सामाजिक समरसता संबंधी विचारों को भी प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने बताया कि भाजपा ने संत रविदास के संदेश को आधार बनाकर ‘समरसता संकल्प अभियान’ शुरू किया है। उनके मुताबिक, जिस दौर में समाज सामाजिक असमानताओं और कुरीतियों से जूझ रहा था, उस समय संत रविदास ने अपने विचारों के जरिए समानता और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
संत रविदास की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने की तैयारी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी को दिल्ली के अलग-अलग जिलों और बस्तियों तक पहुंचाया जाएगा। इसका उद्देश्य संत रविदास की शिक्षाओं और संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
सालभर होंगे कार्यक्रम, जिलों को सौंपे गए कलश
रेखा गुप्ता ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समारोह के अंत में दिल्ली के अलग-अलग जिलों के प्रतिनिधियों को वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी के कलश सौंपे गए। इन कलशों को ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत दिल्ली के विभिन्न इलाकों में ले जाया जाएगा।
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