SBI Recruitment 2026 : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 में बड़े स्तर पर भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। बैंक के चेयरमैन सीएस सेट्टी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में एसबीआई क्लेरिकल और ऑफिसर कैडर में करीब 11 हजार से 12 हजार नए कर्मचारियों की नियुक्ति कर सकता है। बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष समाप्त होने तक इन भर्तियों को पूरा करना है।
रिटायरमेंट और बैंक की जरूरत से बदल सकती है संख्या
एसबीआई चेयरमैन ने बताया कि भर्ती की अंतिम संख्या बैंक से होने वाली सेवानिवृत्तियों और भविष्य की जरूरतों पर निर्भर करेगी। ऐसे में 11 से 12 हजार के बीच बताई गई संख्या में बदलाव संभव है। बैंक फिलहाल अपने कर्मचारियों की जरूरत का आकलन कर रहा है और उसी के आधार पर अलग-अलग कैडर में पदों की संख्या तय की जाएगी।
क्लेरिकल और ऑफिसर कैडर पर रहेगा फोकस
इस बार एसबीआई की भर्ती का मुख्य जोर क्लेरिकल और ऑफिसर कैडर पर रहने की उम्मीद है। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस बार स्पेशलिस्ट आईटी ऑफिसर्स की बड़े पैमाने पर भर्ती की आवश्यकता नहीं होगी। बैंक ने पिछले साल तकनीकी जरूरतों को देखते हुए करीब 1,500 स्पेशलिस्ट आईटी ऑफिसर्स समेत बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नियुक्त किया था।
एसबीआई में कर्मचारियों की संख्या 2.45 लाख से ज्यादा
मार्च 2026 तक एसबीआई के कर्मचारियों की कुल संख्या 2.45 लाख से अधिक थी। बैंक की वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में एसबीआई ने कुल 25,633 लोगों की भर्ती की थी। इनमें 4,640 ऑफिसर्स, 19,340 एसोसिएट्स और 1,653 कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी शामिल थे। इस साल भर्ती का पैमाना पिछले वर्ष से कम रहने की संभावना है।
देशभर में बढ़ेगा एसबीआई का ब्रांच नेटवर्क
नई नियुक्तियों के साथ बैंक अपने शाखा नेटवर्क का भी विस्तार करने की योजना बना रहा है। एसबीआई वित्त वर्ष 2026-27 में नेट आधार पर करीब 200 से 250 नई शाखाएं जोड़ने की तैयारी में है। बैंक का कहना है कि उसका नेटवर्क पहले से काफी बड़ा है, लेकिन बदलती जरूरतों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में मौजूदगी बढ़ाने की अभी भी गुंजाइश है।
नई कॉलोनियों और कारोबार वाले क्षेत्रों पर नजर
एसबीआई खासतौर पर उन इलाकों में अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है, जहां नई कॉलोनियां विकसित हो रही हैं या व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। बैंक के मुताबिक, ऐसे क्षेत्रों में नई शाखाएं खोलने से ग्राहकों तक सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी। इसके साथ ही मौजूदा शाखाओं के युक्तिकरण पर भी काम किया जा रहा है, ताकि नेटवर्क को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
NSE IPO में हिस्सेदारी बेचने की तैयारी
एसबीआई के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर भी अहम जानकारी दी। एसबीआई और उसकी सहायक कंपनी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स मिलकर एनएसई में करीब 1 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही हैं। प्रस्तावित बिक्री में एसबीआई की करीब 0.65 प्रतिशत और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स की करीब 0.35 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल हो सकती है।
दूसरे शेयरधारकों की बिक्री से बदल सकता है हिस्सा
हालांकि, अन्य शेयरधारकों के भी आईपीओ में हिस्सेदारी बेचने की स्थिति में एसबीआई और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स की हिस्सेदारी बिक्री का अनुपात कम हो सकता है। फिलहाल एसबीआई के पास एनएसई में करीब 3.23 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि एसबीआई कैपिटल मार्केट्स के पास लगभग 4.33 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है।
30 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है NSE IPO
एनएसई को करीब 30 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावित आईपीओ के लिए नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है। यदि यह इश्यू तय योजना के मुताबिक आता है, तो इसके भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल होने की संभावना है। प्रस्तावित आकार के लिहाज से इसकी तुलना हुंडई मोटर इंडिया, एलआईसी, पेटीएम और टाटा कैपिटल जैसे बड़े आईपीओ से की जा रही है। इस तरह एसबीआई की भर्ती, शाखा विस्तार और एनएसई में हिस्सेदारी बिक्री की योजना बैंक के लिए वित्त वर्ष 2026-27 को काफी अहम बनाती है।
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