Asia Cup Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में एशिया कप में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच तीखा विवाद खड़ा हो गया है। उद्धव ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह के निर्देश पर पाकिस्तान के साथ मैच की अनुमति दी गई। ठाकरे ने कहा कि जब देश में लोग कबूतर, कुत्ते और हाथियों के लिए सड़क पर उतरते हैं, तो पीड़ितों के लिए सहानुभूति कहाँ है।

उद्धव का सवाल- ‘खून और पानी साथ-साथ कैसे बह सकते हैं?’
उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री के उस बयान को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि “खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते।” उन्होंने कहा, “रक्षा मंत्री ऑपरेशन सिंदूर की बात कर रहे हैं, फिर भारत-पाक मैच कैसे हो सकता है?” यह बयान राजनीतिक और भावनात्मक स्तर पर कई लोगों के लिए चुभने वाला रहा।

फडणवीस का पलटवार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि देश और जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ही किसी फैसले की जरूरत होती है। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीति में सिर्फ भावनाओं का खेल खेलते हैं और यह देश के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने इस मामले में संयम बरतने की सलाह दी। बीजेपी के विधायक राम कदम ने भी उद्धव ठाकरे के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपने घर मटन खिलाने वाले उद्धव ठाकरे, ऑपरेशन सिंदूर का मजाक उड़ा रहे हैं। एक दिन देश उनका मजाक उड़ा देगा।” इससे यह स्पष्ट हो गया कि उद्धव के बयान ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी-एसपी नेता सुप्रिया सुले के मटन वाले बयान पर कहा कि इसका जवाब वे नहीं देंगे बल्कि इसका जवाब वारकरी देंगे। यह भी राजनीति में एक नया सस्पेंस पैदा कर रहा है।
राजनीतिक लड़ाई का नया मोड़, जनता में मिली-जुली प्रतिक्रिया
उद्धव ठाकरे का यह बयान सिर्फ एशिया कप तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे महाराष्ट्र और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है। सोशल मीडिया पर लोग इस विवाद पर अलग-अलग राय दे रहे हैं। कुछ लोग उद्धव की भावनाओं से सहमत हैं, जबकि कई फडणवीस और बीजेपी के समर्थन में खड़े हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ इसे आगामी चुनावों से पहले बढ़ते हुए तनाव के रूप में देख रहे हैं।
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