Ambikapur News : पिछले दिनों अंबिकापुर में पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव के निवास से चोरी हुई पीतल की हाथी की मूर्ति मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने चोरी गए मूर्ति को काटकर बेचने और उससे मिली रकम से नशीले इंजेक्शन खरीदकर बेचने का अपराधिक तंत्र उजागर किया है। थाना कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस हाईप्रोफाइल चोरी कांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से चोरी किया गया माल भी बरामद कर लिया गया है।

पूरा मामला 4 अगस्त को तब सामने आया जब ब्रम्हपारा निवासी राज सोनी ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके कार्यस्थल पर पोर्च में रखी गई पीतल की हाथी की एक मूर्ति 3 अगस्त की रात चोरी हो गई। मूर्ति का वजन लगभग 15 किलो और कीमत करीब 35,000 रुपये आंकी गई। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दो संदिग्धों मो. शरीफउल्ला खान और मो. राजूल अंसारी को खैरबार रोड नहर किनारे से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मूर्ति को चोरी कर पहले उसे छुपाया, फिर कटर मशीन से काटकर 18 किलो पीतल के टुकड़ों में कबाड़ी इमरान मलीक को ₹7200 में बेच दिया। इस रकम से आरोपी झारखंड जाकर 220 नशीले इंजेक्शन खरीद लाए, जिनमें से कुछ खुद उपयोग किए और बाकी बेच दिए।
पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने अन्य दो आरोपियों इमरान मलीक (कबाड़ी) और शाकिर हुसैन (मूर्ति को छुपाने में सहयोगी) को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से 200 नशीले इंजेक्शन अब भी शेष बचे होने की जानकारी मिली है, जिन्हें बरामद करने की प्रक्रिया चल रही है।
इस पूरे अपराध में चोरी, नशा तस्करी और कबाड़ में अवैध बिक्री की त्रिकोणीय साजिश रची गई थी, जिसमें चारों आरोपी अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल थे।
कड़ी धाराएं लगाई गईं:
मामले में शुरू में दर्ज अपराध में धारा 331(4), 305 (ए) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद धारा 317(2), 3(5) बीएनएस को भी जोड़ा गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष सिंह परिहार के नेतृत्व में उप निरीक्षक सम्पत पोटाई, प्रधान आरक्षक अजय पाण्डेय, आरक्षक देवेंद्र पाठक, अमित विश्वकर्मा, नितिन सिन्हा, शिव राजवाड़े, मंटूलाल गुप्ता, मनीष सिंह और रमेश राजवाड़े की विशेष भूमिका रही।










