Sonam Wangchuk Health: पर्यावरणविद् और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर एक बार फिर से बेहद चिंताजनक और गंभीर खबरें सामने आ रही हैं। आज यानी मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को दिल्ली के प्रतिष्ठित सफदरजंग अस्पताल की ओर से सोनम वांगचुक का नया हेल्थ बुलेटिन आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। इस ताजा मेडिकल बुलेटिन को देखने के बाद यह बात पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी है कि उनकी शारीरिक हालत अब काफी चिंताजनक दौर में पहुंच चुकी है।

सोनम वांगचुक अपने लंबे और कड़े अनशन के आज 23वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और अभी भी किसी भी तरह का ग्लूकोज या अन्य पोषण लेने को बिल्कुल तैयार नहीं हो रहे हैं। उनके इस दृढ़ संकल्प और लगातार जारी उपवास ने उनके चाहने वालों और समर्थकों की चिंताएं बहुत अधिक बढ़ा दी हैं।

मेडिकल रिपोर्ट में ब्लड शुगर और पोटैशियम के स्तर में भारी गिरावट
सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी किए गए इस आठवें हेल्थ बुलेटिन में उनके शरीर के कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पैमानों की जानकारी साझा की गई है। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, उनकी मौजूदा हालत फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में स्थिर तो कही जा सकती है, लेकिन उनके शरीर में ब्लड शुगर का स्तर लगातार सामान्य से काफी कम बना हुआ है, जो कि एक खतरनाक संकेत है। इसके अलावा, मेडिकल जांच में उनके शरीर में पोटैशियम का स्तर मात्र 3.2 mEq/L दर्ज किया गया है, जो सामान्य से कम है। डॉक्टरों ने यह भी बताया है कि वांगचुक के शरीर में एनीमिया यानी खून की कमी और सफेद रक्त कोशिकाओं यानी WBC की कमी की स्थिति भी लगातार बनी हुई है। इन्ही तमाम गंभीर चिकित्सीय कारणों के चलते अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार बेहद बारीकी से जांच और चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है।
ग्लूकोज लेने से इनकार, डॉक्टरों की सलाह के बावजूद जिद पर अड़े वांगचुक
अस्पताल के मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, लंबी भूख हड़ताल और उपवास के कारण उनके शरीर में हल्का से मध्यम डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी और कई अन्य गंभीर चिकित्सीय समस्याएं उत्पन्न हो चुकी हैं। डॉक्टरों का प्रयास है कि उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सा दी जाए, जिसके तहत उन्हें फिलहाल ओआरएस (ORS) और पोटैशियम की दवाइयां दी जा रही हैं। हालांकि, मेडिकल टीम की बार-बार की जा रही सख्त सलाह और लाख कोशिशों के बावजूद सोनम वांगचुक ने अभी भी नसों के जरिए यानी इंट्रावेनस (IV) माध्यम से ग्लूकोज और अन्य जरूरी फ्लूइड्स लेने से पूरी तरह से साफ इनकार कर दिया है। उनकी यह जिद डॉक्टरों और उनके स्वास्थ्य सहयोगियों के लिए लगातार एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रख रही है 24 घंटे लगातार पैनी नजर
सोनम वांगचुक की बिगड़ती हुई और नाज़ुक होती सेहत को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। अस्पताल के उच्चाधिकारियों का कहना है कि उनकी स्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेष और अनुभवी डॉक्टरों की टीम को तैनात किया गया है जो हर पल उनकी सेहत का जायजा ले रही है। फिलहाल अस्पताल के अंदर उनका सभी जरूरी और आवश्यक इलाज प्रोटोकॉल के तहत जारी है। डॉक्टरों का यह भी कहना है कि उनके स्वास्थ्य से जुड़ा आगे का पूरा उपचार उनकी समय-समय पर आने वाली स्वास्थ्य स्थिति और ताजा जांच रिपोर्टों के परिणामों के आधार पर ही तय किया जाएगा। देश भर के लोगों की निगाहें इस समय उनके स्वास्थ्य और इस लंबे अनशन के हर एक अपडेट पर टिकी हुई हैं।
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