TMC Rebel MPs: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए तीन मुस्लिम सांसदों अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान ने BJP में शामिल होने की अटकलों को खारिज कर दिया है। तीनों नेताओं ने स्पष्ट कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल नहीं होंगे और न ही वे NDA का हिस्सा हैं। हालांकि, उनका कहना है कि अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों के हितों के लिए वे केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।

20 बागी सांसदों ने TMC छोड़कर NCPI का दामन थामा
अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान उन 20 बागी TMC सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने बंगाल विधानसभा चुनाव के कुछ सप्ताह बाद ममता बनर्जी की पार्टी से अलग होने का फैसला किया था। इसके बाद इन सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया यानी NCPI में विलय किया और NDA को समर्थन देने का ऐलान किया था। हालांकि, इस राजनीतिक बदलाव के बाद भी उनकी संसदीय स्थिति को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है।

लोकसभा स्पीकर ने अभी NCPI सांसद नहीं माना
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अभी तक इन सांसदों को औपचारिक रूप से NCPI सांसद के तौर पर मान्यता नहीं दी है। अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान के अनुसार, संसद में स्पीकर अभी भी उन्हें TMC सांसद के तौर पर संबोधित करते हैं। दोनों नेताओं का कहना है कि लोकसभा के रिकॉर्ड में भी उनके नाम के साथ फिलहाल TMC का उल्लेख किया जा रहा है।
PM मोदी की बैठक के बाद बढ़ी BJP से नजदीकी की चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई को अपने आवास पर NDA सांसदों के लिए ब्रेकफास्ट मीटिंग आयोजित की थी। इस बैठक में NCPI में शामिल हुए TMC के बागी सांसदों के अलावा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए शिवसेना UBT के सांसद भी मौजूद थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और BJP अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान की मौजूदगी के बाद उनके BJP के करीब जाने की अटकलें तेज हो गई थीं।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद BJP में जाने से इनकार
8 जुलाई को अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान ने बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से राज्य सचिवालय में मुलाकात की। बैठक के बाद BJP में शामिल होने के सवाल पर खलीलुर रहमान ने साफ कहा कि वे BJP में नहीं जा रहे हैं और NCPI के साथ बने रहेंगे। भविष्य की राजनीतिक रणनीति के सवाल पर उन्होंने कहा कि आगे क्या होगा, यह समय बताएगा।

अबू ताहिर ने भी NDA से दूरी की बात कही
अबू ताहिर खान ने भी BJP में शामिल होने की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे BJP के साथ नहीं जाएंगे और NDA का हिस्सा भी नहीं बनेंगे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। खासतौर पर उन्होंने पिछड़े और जरूरतमंद लोगों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने की बात कही।
अमित शाह से मुलाकात में उठाए मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दे
तीनों सांसदों ने 6 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने गृह मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर लगाई जा रही पाबंदियों और बंगाल में SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतों को लेकर चिंता जताई गई थी।
NCPI ने पार्टी में दरार की अटकलों को नकारा
बागी सांसदों के बीच कथित मतभेद की खबरों के बीच NCPI सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने पार्टी में किसी बड़ी दरार से इनकार किया। उन्होंने कहा कि NCPI सांसदों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की दो घंटे से अधिक समय तक बैठक हुई थी। बैठक में बंगाल के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और अबू ताहिर भी इसमें मौजूद थे।
NDA की बैठक में तीनों सांसद नहीं हुए शामिल
इससे पहले 4 जुलाई को NDA सांसदों की ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में NCPI के 17 सांसद शामिल हुए थे। हालांकि, अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान इस बैठक में मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति ने भी राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाओं को जन्म दिया था।
TMC ने तीनों को BJP की बी-टीम बताया
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने तीनों सांसदों के दावों पर निशाना साधा है। TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को NCPI के साथ जाने की जानकारी दी थी और NCPI को NDA का सहयोगी बताया जा चुका है। वहीं, TMC विधायक कुणाल घोष ने NCPI को BJP की ‘बी-टीम’ करार दिया। इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।












