Fatal blockade of Hormuz
Fatal blockade of Hormuz : मिडिल ईस्ट में युद्ध की लपटें अब वैश्विक संकट का रूप ले चुकी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई का ऐलान करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में पूर्ण समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी है। यह नाकेबंदी न केवल ईरान के व्यापार को ठप करने के लिए है, बल्कि इसके जरिए अमेरिका ने दुनिया को अपनी सैन्य शक्ति का कड़ा संदेश भी दिया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस सैन्य घेराबंदी की पुष्टि की। उन्होंने आक्रामक लहजे में कहा कि ईरानी नौसेना पहले ही भारी नुकसान झेल चुकी है और उनके 158 जहाज समुद्र की तलहटी में समा चुके हैं। ट्रंप ने ईरान के ‘फास्ट अटैक क्राफ्ट्स’ को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ये जहाज अमेरिकी नाकेबंदी के करीब भी आए, तो उन्हें उसी क्रूरता से नष्ट कर दिया जाएगा जैसे समुद्र में ड्रग तस्करों की नावों को उड़ा दिया जाता है। उन्होंने इसे “त्वरित और क्रूर कार्रवाई” करार दिया है।
अमेरिका की इस नाकेबंदी के बीच चीन ने तेहरान के पक्ष में खड़े होकर वाशिंगटन को खुली चुनौती दी है। चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून का एक वीडियो संदेश वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ चीन के व्यापारिक और ऊर्जा समझौते हैं। उन्होंने दो टूक कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि अन्य लोग हमारे मामलों में दखल न दें; हमारे लिए होर्मुज का रास्ता खुला है।” चीन का यह रुख अमेरिका और चीन के बीच सीधे सैन्य तनाव की संभावना को बढ़ा रहा है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह नाकेबंदी पूरे ईरानी समुद्री तट, तेल टर्मिनलों और बंदरगाहों को कवर करेगी। बिना अनुमति के इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी जहाज को जब्त किया जा सकता है। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह नाकेबंदी “तटस्थ पारगमन” (Neutral Transit) को प्रभावित नहीं करेगी। जो जहाज गैर-ईरानी गंतव्यों की ओर जा रहे हैं, उन्हें रोका नहीं जाएगा। साथ ही, भोजन और दवाइयों जैसी मानवीय सहायता ले जाने वाले जहाजों को गहन जांच के बाद अनुमति दी जाएगी।
ईरान ने अमेरिका की इस घेराबंदी को युद्ध का खुला निमंत्रण माना है। ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद इब्न रजा ने प्रेस टीवी के माध्यम से कहा कि उनके सशस्त्र बल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी आक्रामकता का “निर्णायक जवाब” दिया जाएगा। वहीं, ईरान के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि समुद्री सुरक्षा सबके लिए होगी या किसी के लिए नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान के बंदरगाहों को खतरा हुआ, तो फारस की खाड़ी का कोई भी दूसरा बंदरगाह सुरक्षित नहीं बचेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा धमनी है। अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान की जवाबी धमकियों ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है। चीन की संलिप्तता ने इस क्षेत्रीय विवाद को वैश्विक महाशक्तियों के टकराव में बदल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकला, तो यह समुद्री नाकेबंदी एक विनाशकारी महायुद्ध की शुरुआत हो सकती है, जिसकी कीमत पूरी दुनिया को आर्थिक मंदी और ऊर्जा संकट के रूप में चुकानी पड़ेगी।
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