Vijay Mallya News : विजय माल्या ने खुद को बताया बेगुनाह, बोले- बैंकों ने वसूले पैसे फिर भी न्याय नहीं मिला

विजय माल्या ने एक बार फिर बैंक कर्ज और वसूली को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि बैंकों और सरकार ने उनकी संपत्तियों से हजारों करोड़ रुपये वसूले, फिर भी उन्हें न्याय नहीं मिला। माल्या ने रिकवरी और बकाया रकम के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए हैं।

Vijay Mallya News : भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर खुद को निर्दोष बताते हुए भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। माल्या ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा कर दावा किया कि उनके साथ कानूनी और आर्थिक स्तर पर अन्याय हुआ है। उनका कहना है कि वे भारत से भागकर ब्रिटेन में नहीं रह रहे हैं, बल्कि मौजूदा कानूनी परिस्थितियों के कारण उन्हें ब्रिटेन छोड़ने की अनुमति नहीं है।

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1992 से ब्रिटेन में स्थायी निवासी होने का दावा

विजय माल्या ने अपने एक पोस्ट में कहा कि उन्हें भगोड़ा कहने वालों को यह समझना चाहिए कि वे वर्ष 1992 से यूनाइटेड किंगडम के स्थायी निवासी हैं। माल्या का दावा है कि फिलहाल कानूनी कारणों से उन्हें ब्रिटेन छोड़ने से रोका गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार की कार्रवाई के कारण उनकी स्थिति ऐसी बनी और उनके साथ मामले में गंभीर अन्याय हुआ।

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भारत सरकार की सूची में 15 भगोड़े आर्थिक अपराधी

अक्टूबर 2025 में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा को जानकारी दी थी कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 यानी FEOA के तहत कुल 15 लोगों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। इस सूची में विजय माल्या और नीरव मोदी समेत कई चर्चित कारोबारी शामिल हैं। सरकार इन मामलों में आर्थिक अपराधियों की संपत्तियों से जुड़े कानूनी कदम भी उठा रही है।

सरकार ने भगोड़ों को वापस लाने की प्रतिबद्धता दोहराई

विदेश मंत्रालय ने पिछले साल दिसंबर में कहा था कि भारत सरकार विदेशों में मौजूद वांछित भगोड़ों को वापस लाने और उन्हें देश की अदालतों में मुकदमे का सामना कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय के मुताबिक, ऐसे मामलों में प्रत्यर्पण और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं लंबी हो सकती हैं। इसके बावजूद सरकार ने आर्थिक अपराधियों को न्यायिक प्रक्रिया के सामने लाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।

माल्या ने कथित हलफनामे का हिस्सा किया साझा

मंगलवार को विजय माल्या ने एक कथित हलफनामे का हिस्सा सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बॉम्बे हाई कोर्ट में यह हलफनामा दाखिल किया था। माल्या के अनुसार, दस्तावेज में अदालत के आदेश के तहत तय कर्ज और वर्ष 2021 में करीब 14,131.60 करोड़ रुपये की रिकवरी का उल्लेख है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी रिकवरी के बावजूद उन्हें लगातार धोखाधड़ी करने वाला बताया जाता है।

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ED पर 350 करोड़ रुपये जारी करने का दावा

माल्या ने एक टेबल भी साझा की, जिसे उन्होंने रिकवरी से संबंधित अकाउंट स्टेटमेंट बताया। उन्होंने दावा किया कि ED ने जब्त किए गए उनके फंड में से किंगफिशर के कर्मचारियों के भुगतान के लिए 350 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए थे। माल्या का कहना है कि वह स्वयं भुगतान नहीं कर सके क्योंकि उनकी संपत्तियां और फंड जांच एजेंसी द्वारा जब्त कर लिए गए थे।

बैंकों की रिकवरी पर भी माल्या ने उठाए सवाल

इससे पहले अगस्त में भी माल्या ने दावा किया था कि बैंकों ने उनसे बकाया रकम की बड़ी राशि वसूल कर ली है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि 6,203 करोड़ रुपये के अदालत से निर्धारित कर्ज के मुकाबले बैंकों और सरकार ने उनसे करीब 14,100 करोड़ रुपये वसूल किए हैं। माल्या ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे भारतीय कर्ज समाधान व्यवस्था से जोड़कर टिप्पणी की।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने लगाई थी फटकार

फरवरी 2026 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने विजय माल्या के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर न्यायिक कार्यवाही से दूर रहता है, तो वह अदालत से उचित राहत की उम्मीद नहीं कर सकता। कोर्ट ने माल्या को यह स्पष्ट करने का अंतिम अवसर दिया था कि क्या वह भारत लौटना चाहते हैं।

FEOA की संवैधानिक वैधता को चुनौती

विजय माल्या की याचिका में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की संवैधानिक वैधता और उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है। अदालत ने संकेत दिया था कि माल्या के न्यायिक क्षेत्राधिकार से बचने के कारण उनकी याचिका में राहत देने को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

कानूनी लड़ाई और आरोपों के बीच मामला जारी

विजय माल्या लगातार सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने खिलाफ लगे आरोपों और आर्थिक वसूली की प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं, सरकार और जांच एजेंसियों का रुख भगोड़े आर्थिक अपराधियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लाने और मामलों को अदालत में आगे बढ़ाने का रहा है। अब माल्या की याचिका और उनके नए दावों पर आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

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Chandan Das

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