Assembly Election 2026:
Assembly Election 2026: भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का आगाज हो चुका है। आज यानी गुरुवार को पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से महत्वपूर्ण 152 सीटों और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर मतदान प्रक्रिया शुरू हो रही है। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए अपनी सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। सुबह 7 बजे से ही मतदाता अपने घरों से निकलकर पोलिंग बूथों की ओर रुख करने लगे हैं। आयोग का मुख्य लक्ष्य इस बार मतदान प्रतिशत को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है, ताकि जनता की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
पश्चिम बंगाल अपने उच्च मतदान प्रतिशत के लिए जाना जाता है। साल 2021 के विधानसभा चुनावों में यहाँ 82.30 फीसदी रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई थी। हालांकि, बंगाल चुनाव के नतीजे और सटीक वोटिंग प्रतिशत 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन चुनाव आयोग ने पहले चरण से ही मतदाताओं को जागरूक करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार जागरूकता अभियानों के कारण पिछले तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त हो जाएंगे और लोकतंत्र की नींव और मजबूत होगी।
चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने ईवीएम (EVM) की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मतदान केंद्रों पर तैनात अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि मशीन पर उम्मीदवारों के नाम या चुनाव चिन्हों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। ईवीएम के बटनों पर टेप, गोंद, स्याही या किसी भी प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल दंडनीय अपराध माना जाएगा। आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी बूथ पर मशीन से छेड़छाड़ की शिकायत मिलती है, तो वहां का चुनाव रद्द किया जा सकता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए आयोग ने दोनों राज्यों में व्यापक इंतजाम किए हैं। चुनावी धांधली और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कुल 5011 फ्लाइंग स्क्वायड (उड़न दस्ते) तैनात किए गए हैं, जिनमें से अकेले 2728 टीमें पश्चिम बंगाल में सक्रिय हैं। इसके साथ ही, नाकेबंदी और औचक निरीक्षण के लिए 5363 स्टैटिक सर्विलांस टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों का मुख्य कार्य अवैध धन, शराब और मतदाताओं को लुभाने वाली अन्य सामग्रियों की आवाजाही पर रोक लगाना है, ताकि चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र वातावरण में संपन्न हों।
चुनावों की घोषणा के बाद से ही प्रशासन अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है। 22 अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में जांच एजेंसियों ने लगभग 473 करोड़ रुपए मूल्य की नकदी, नशीले पदार्थ, शराब और कीमती उपहार जब्त किए हैं। वहीं, तमिलनाडु में यह आंकड़ा और भी बड़ा है, जहाँ अब तक 599 करोड़ रुपए की जब्ती की जा चुकी है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि चुनाव आयोग धनबल और बाहुबल के प्रभाव को कम करने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रहा है, ताकि एक ईमानदार नेतृत्व का चुनाव हो सके।
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