Mosaic Defense System
Mosaic Defense System: शनिवार, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का आगाज किया था। इस भीषण सैन्य अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और आईआरजीसी (IRGC) के शीर्ष जनरलों को मार गिराया गया। शुरुआती दौर में ऐसा लगा जैसे 2003 के इराक युद्ध की पुनरावृत्ति हो रही है, जहाँ सद्दाम हुसैन का सैन्य तंत्र कुछ ही दिनों में बिखर गया था। लेकिन, 13 मार्च 2026 तक यानी 14 दिन बीत जाने के बाद भी ईरान न केवल युद्ध के मैदान में डटा है, बल्कि उसने अपनी जवाबी कार्रवाई से पूरे मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में खलबली मचा दी है।
ईरान के इस हैरान कर देने वाले जुझारूपन के पीछे मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी की दूरगामी सैन्य दृष्टि मानी जा रही है। जाफरी ने 2003 में इराक पर हुए अमेरिकी आक्रमण का गहन विश्लेषण किया था। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि सद्दाम हुसैन की हार का मुख्य कारण ‘अत्यधिक केंद्रीकृत कमान’ थी। इराकी कमांडर स्वायत्त फैसले लेने में अक्षम थे और बगदाद के आदेश के बिना एक कदम भी नहीं उठा सकते थे। जैसे ही केंद्र सरकार कमजोर हुई, पूरी सेना ताश के पत्तों की तरह ढह गई। जाफरी ने तय किया कि ईरान कभी इस गलती को नहीं दोहराएगा।
इराक के पतन से सबक लेते हुए जनरल जाफरी ने IRGC को 31 स्वतंत्र इकाइयों में विभाजित कर दिया, जिसे ‘मोजेक डिफेंस सिस्टम’ कहा जाता है। ईरान के 31 राज्यों के आधार पर बनाए गए इस सिस्टम का अर्थ है सेना को छोटी और स्वायत्त टुकड़ियों में बांटना। प्रत्येक प्रांत का अपना स्वतंत्र मुख्यालय, संचार प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन भंडार है। इन कमांडरों को स्पष्ट आदेश हैं कि यदि तेहरान के साथ संपर्क कट जाए या केंद्रीय नेतृत्व (सुप्रीम लीडर) खत्म हो जाए, तब भी वे पूर्व-निर्धारित योजना के तहत स्वतंत्र रूप से युद्ध जारी रखें।
ईरान की कठिन भौगोलिक स्थिति, ऊंचे पहाड़ और विशाल मैदानी हिस्से इस रणनीति को और भी घातक बनाते हैं। जनरल जाफरी ने इस तंत्र को ‘ऑटोपायलट’ मोड पर सेट किया है। वर्तमान युद्ध में भले ही अमेरिका ने ईरान के रक्षा मंत्री और शीर्ष कमांडरों को निशाना बनाया है, लेकिन मैदानी स्तर पर जवाबी हमलों में कोई कमी नहीं आई है। प्रांतीय कमांडर स्वतंत्र रूप से इजरायल के बुनियादी ढांचे, तेल रिफाइनरियों और समुद्री टर्मिनलों को निशाना बना रहे हैं। यह रणनीति दुश्मन की श्रेष्ठ मारक क्षमता को एक लंबे और थका देने वाले युद्ध में उलझाने के लिए बनाई गई है।
वर्तमान में एक विचित्र स्थिति देखने को मिल रही है। जहाँ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन कूटनीतिक मोर्चे पर तटस्थ देशों से माफी मांग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर IRGC की प्रांतीय इकाइयां अपनी विनाशकारी सैन्य योजनाओं पर अडिग हैं। तकनीक और हथियारों के मामले में अमेरिका और इजरायल बेहद उन्नत होने के बावजूद ‘मोजेक डिफेंस सिस्टम’ की काट नहीं ढूंढ पा रहे हैं। जनरल जाफरी ने 2005 में जिस रक्षा तंत्र की नींव रखी थी, वह 2026 में ईरान के अस्तित्व की रक्षा का सबसे बड़ा ढाल बनकर उभरा है।
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