UP Government Jobs : उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को सरकारी रोजगार देने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार ने पहले 9.50 लाख सरकारी नियुक्तियां पूरी करने के बाद एक लाख अतिरिक्त भर्तियां करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। अब यह लक्ष्य भी पूरा होने की ओर है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि रोजगार देने का सिलसिला इस उपलब्धि के बाद भी नहीं रुकेगा।
तीसरी बार सरकार बनने पर बांटे जाएंगे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ नियुक्ति पत्र जानबूझकर रोककर रखे जाएंगे। इन नियुक्ति पत्रों को तीसरी बार प्रदेश में सरकार बनने के बाद वितरित किया जाएगा। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक समय में रोजगार और सरकारी भर्तियों से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि योग्य अभ्यर्थियों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

4,543 नए पुलिस सब इंस्पेक्टरों को मिले नियुक्ति पत्र
शुक्रवार को लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस उपनिरीक्षक (SI) पद पर चयनित 4,543 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने नवनियुक्त दरोगाओं से सीधा संवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर अभ्यर्थियों से सवाल पूछे और जानना चाहा कि क्या नौकरी पाने के लिए किसी को सिफारिश या रिश्वत का सहारा लेना पड़ा।

बिना सिफारिश और घूस के नौकरी मिलने का दावा
योगी आदित्यनाथ ने अभ्यर्थियों से पूछा कि क्या भर्ती के किसी भी चरण में पैसों का लेन-देन हुआ या किसी अधिकारी अथवा व्यक्ति ने रिश्वत की मांग की? उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या किसी ने दबाव बनाकर या धौंस दिखाकर नियुक्ति पत्र हासिल करने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान उत्तर प्रदेश में इस तरह की अनियमितताओं के लिए कोई जगह नहीं है। उनके अनुसार, अब युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरी मिल रही है।
2017 के बाद भर्ती व्यवस्था में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश की सरकारी भर्ती व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं। उन्होंने पिछली सरकारों के 2003 से 2017 तक के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोप लगाए। योगी के मुताबिक, उस दौरान ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें आवेदन एक व्यक्ति ने किया, लेकिन नियुक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को मिल गई।

पुरानी भर्तियों के मामले अभी भी अदालतों में लंबित
सीएम योगी ने कहा कि पिछली भर्तियों से जुड़े कई मामले आज भी न्यायालयों में लंबित हैं। उन्होंने चिंता जताई कि यदि अदालत किसी भर्ती को रद्द करने या नियुक्तियां समाप्त करने का आदेश देती है, तो उन पदों पर काम कर रहे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले भ्रष्ट लोगों की संपत्ति जब्त करने का निर्णय लिया जाए तो उन्हें खुशी होगी।
सैफई सिंडिकेट का जिक्र कर पिछली सरकारों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले सरकारी भर्तियों में प्रदेश के सभी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर नहीं मिलते थे। उन्होंने उस समय की व्यवस्था को सैफई सिंडिकेट से जोड़ते हुए कहा कि अब भर्ती प्रक्रिया में क्षेत्रीय भेदभाव की गुंजाइश नहीं है। उनके अनुसार, प्रदेश के हर जिले के योग्य युवाओं को समान अवसर मिल रहे हैं।
दीपावली से पहले कर्मचारियों को बोनस की सौगात
इस बीच योगी सरकार ने दीपावली से पहले सरकारी कर्मचारियों को 30 दिन का बोनस देने की मंजूरी भी दी है। इससे प्रदेश के कर्मचारियों को त्योहार के दौरान आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। रोजगार, नियुक्तियों और बोनस को लेकर सरकार के इन फैसलों पर अब प्रदेश के युवाओं और कर्मचारियों की नजर बनी हुई है।
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