Ambikapur News : सरगुजा जिले में अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत रघुनाथपुर में संचालित एक लकड़ी मिल पर विभागीय टीम ने दबिश देकर बड़े पैमाने पर सागौन, साल, खमार समेत विभिन्न प्रजातियों की कीमती लकड़ियों का चिरान बरामद किया है। बरामद लकड़ी की कीमत करीब 5 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। मौके से एक पिकअप वाहन भी मिला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित मिल के संचालकों के पास वर्ष 2024 के बाद का वैध लाइसेंस नहीं था और जांच के दौरान लाइसेंस संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। वन विभाग अब मामले में वन अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई कर रहा है।
मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की दबिश
जानकारी के अनुसार, रघुनाथपुर में अवैध रूप से लकड़ी मिल संचालित किए जाने की सूचना वन विभाग को मुखबिर से मिली थी। इसके बाद प्रशिक्षु आईएफएस एवं अंबिकापुर एसडीओ कुनाल मिश्रा के नेतृत्व में विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच और कार्रवाई की। इस दौरान मिल परिसर में बड़ी मात्रा में विभिन्न प्रजातियों की लकड़ियों का चिरान मिला।

सागौन, साल और खमार की लकड़ी बरामद
छापेमारी के दौरान मौके से सागौन और साल जैसी कीमती लकड़ियों के साथ खमार सहित अन्य प्रजातियों की काष्ठ बरामद की गई। बरामद चिरान की अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा परिसर से एक पिकअप वाहन भी बरामद हुआ है। वन विभाग लकड़ी के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहा है।

लाइसेंस संबंधी दस्तावेज नहीं मिले
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संबंधित लकड़ी मिल के पास वर्ष 2024 के बाद का वैध लाइसेंस नहीं होने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान लाइसेंस रिनिवल से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। वन विभाग यह जांच कर रहा है कि मिल में लकड़ी का भंडारण और चिरान किन परिस्थितियों में किया जा रहा था तथा बरामद लकड़ी कहां से लाई गई थी।
दो लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई
मिल का संबंध रघुनाथपुर निवासी पत्रकार सुरेश गुप्ता और आकाश गुप्ता से बताया जा रहा है। वन विभाग दोनों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की तैयारी में है। हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों एवं विभागीय कार्रवाई के आधार पर तय होगी।

यह पूरा मामला वन परिक्षेत्र लुण्ड्रा के अंतर्गत रघुनाथपुर का है। वन विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि बरामद लकड़ी कहां से लाई गई थी और कारोबार कितने समय से संचालित किया जा रहा था।


