Monsoon session : संसद के मानसून सत्र का आज 17वां दिन है, लेकिन विपक्ष के लगातार प्रदर्शन के चलते विधायी कामकाज प्रभावित हो रहा है। बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने संसद में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। सोमवार को भी बिना बहस के आठ विधेयक पारित कर दिए गए।

लोकसभा में पास हुए प्रमुख बिल
लोकसभा में नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, नेशनल एंटी-डोपिंग (संशोधन) बिल, इनकम टैक्स (संख्या 2) बिल और टैक्सेशन लॉ (संशोधन) बिल बिना किसी बहस के मंजूर किए गए।

राज्यसभा में पारित बिल
राज्यसभा में गोवा के अनुसूचित जनजाति विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्संयोजन से संबंधित बिल, मर्चेंट शिपिंग बिल, मणिपुर विनियोग बिल और मणिपुर जीएसटी (संशोधन) बिल पास हुए।
विपक्ष का जोरदार विरोध
सोमवार को विपक्ष के लगभग 300 सांसदों ने वोटर वेरिफिकेशन के खिलाफ संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया। दो घंटे बाद सभी सांसदों को छोड़ दिया गया।
सिर्फ 3 मिनट में पारित हुआ नया इनकम टैक्स बिल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल पेश किया, जिसमें 285 संशोधन शामिल हैं। बिल को बिना किसी बहस के मात्र 3 मिनट में ध्वनि मत से पास कर दिया गया। नए बिल के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति समय पर आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल न करे तो भी वह रिफंड का दावा कर सकता है। साथ ही ‘असेसमेंट वर्ष’ और ‘पिछले वर्ष’ की जगह अब ‘टैक्स ईयर’ शब्द का प्रयोग होगा। नए कानून में शब्दों और धाराओं की संख्या भी आधी कर दी गई है।
नए बिल में महत्वपूर्ण बदलाव
किराए की संपत्ति पर टैक्स छूट: निर्माण पूर्व ब्याज पर छूट मिलेगी, जबकि पहले स्पष्ट परिभाषा नहीं थी।
जीरो टीडीएस सर्टिफिकेट: करदाता अब जीरो टीडीएस सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे, जो मूल बिल में नहीं था।
रिटर्न अनिवार्यता नहीं: जिनकी कर योग्य आय नहीं है, वे बिना आईटीआर फाइल किए रिफंड का दावा कर सकते हैं।
शेयर मार्केट का नुकसान एडजस्टमेंट: शेयर बाजार में हुए नुकसान को अगले वर्षों में समायोजित किया जा सकेगा।
धर्म, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र टैक्स फ्री: अब धार्मिक के साथ-साथ शैक्षणिक और चिकित्सा कार्य भी टैक्स मुक्त होंगे।
कार्यवाही कितनी प्रभावी रही?
21 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में अब तक कार्यवाही काफी धीमी रही है। विपक्षी दलों ने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर हर दिन विरोध प्रदर्शन किया है। 16 दिनों में केवल 28 और 29 जुलाई को पूरे दिन सदन की कार्यवाही हुई थी, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हुई थी।










