PM Modi Gujarat Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अहमदाबाद के खोडलधाम मैदान में लगभग 5400 करोड़ रुपये की लागत वाली कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने एक विशाल जनसभा को भी संबोधित किया और गुजरात के विकास मॉडल की तारीफ करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

“मोदी के लिए आपका हित सर्वोपरि”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत गणेश उत्सव की शुभकामनाओं के साथ की और कहा कि “गणपति बप्पा के आशीर्वाद से आज गुजरात को कई विकास परियोजनाओं की सौगात मिली है।” उन्होंने वादा करते हुए कहा, “मोदी के लिए आपका हित सर्वोपरि है। मेरी सरकार कभी भी किसानों, पशुपालकों या लघु उद्यमियों का अहित नहीं होने देगी।”

“गुजरात बना मैन्युफैक्चरिंग का हब”
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात आज मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बन चुका है। इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग हो या अन्य उद्योग – बड़ी-बड़ी कंपनियां गुजरात में निवेश कर रही हैं। उन्होंने कहा, “गुजरात की धरती पर हर प्रकार की इंडस्ट्री का विस्तार हो रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत के लिए एक मजबूत आधार बना रहा है।”
कांग्रेस पर तीखा प्रहार: “बापू की आत्मा को कुचला”
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि, “गुजरात की धरती दो मोहन – द्वारकाधीश श्रीकृष्ण और साबरमती के संत बापू की धरती है। लेकिन कांग्रेस ने दशकों तक गांधी जी के नाम का उपयोग कर सत्ता भोगी और उनके विचारों की हत्या की। उनके मुंह से कभी ‘स्वच्छता’ या ‘स्वदेशी’ जैसे शब्द नहीं सुने गए।”
“कांग्रेस ने भारत को विदेशी निर्भरता में धकेला”
प्रधानमंत्री ने कहा, “कांग्रेस ने भारत को दूसरे देशों पर निर्भर बनाए रखा ताकि इंपोर्ट में घोटाले किए जा सकें। लेकिन आज आत्मनिर्भरता ही हमारे विकास की पहचान बन चुकी है। हम विदेशों पर निर्भर नहीं, बल्कि एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड इकॉनमी की ओर बढ़ रहे हैं।”
पिछड़ों को प्राथमिकता, झुग्गियों में नहीं सम्मानजनक जीवन
मोदी ने कहा, “शहरों में रहने वाले गरीबों और श्रमिक परिवारों को सम्मानजनक जीवन देना हमारी प्राथमिकता है। हमने गुजरात में झुग्गीवासियों के लिए पक्की गेटेड सोसायटियों का निर्माण शुरू किया था, जो अब पूरे राज्य में सफलतापूर्वक चल रहा है।” उन्होंने दोहराया कि पिछड़ों को प्राथमिकता देना केवल नारा नहीं, उनकी सरकार का मिशन है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं था, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक संदेशों से भी भरा हुआ रहा। गुजरात मॉडल की सफलता को सामने रखते हुए, उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, गरीबों का सशक्तिकरण और कांग्रेस की विफलताओं को प्रमुखता से उठाया। आने वाले चुनावों की पृष्ठभूमि में यह जनसभा एक मजबूत राजनीतिक संकेत मानी जा रही है।










