Rohit Sharma: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने इस साल मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी। इससे पहले उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने के बाद क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट को अलविदा कहा था। अब वे सिर्फ वनडे फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

हाल ही में एक इवेंट में नजर आए रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर अपने अनुभव और चुनौतियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि टेस्ट क्रिकेट न केवल शारीरिक रूप से थकाऊ, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद अलग फॉर्मेट है।

“टेस्ट क्रिकेट में एकाग्रता सबसे जरूरी” – रोहित शर्मा
रोहित ने कहा “टेस्ट फॉर्मेट एक ऐसा खेल है, जिसके लिए आपको लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहना होता है। पांच दिनों तक खेलने के लिए बहुत अनुशासन और एकाग्रता चाहिए।” उन्होंने बताया कि युवा खिलाड़ी फर्स्ट क्लास क्रिकेट के जरिए लंबे फॉर्मेट से रूबरू होते हैं, जिससे टेस्ट क्रिकेट में उतरने से पहले एक मजबूत नींव तैयार हो जाती है। “जब मैंने मुंबई के लिए खेलना शुरू किया, तो मेरा ध्यान इस पर रहता था कि मैं मैच से पहले कैसे तैयारी करता हूं। यह तैयारी ही आपके प्रदर्शन का आधार बनती है,” उन्होंने कहा।
क्या यह थकान थी संन्यास की वजह?
रोहित ने यह स्पष्ट नहीं किया कि संन्यास के पीछे कोई एक कारण था, लेकिन उन्होंने यह जरूर माना कि टेस्ट क्रिकेट की लंबी अवधि और मानसिक दबाव को लेकर लगातार मेहनत करनी पड़ती है। “शुरुआत में आप तैयारी के महत्व को नहीं समझते, लेकिन जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, आप महसूस करते हैं कि यह अनुशासन आपको कितना जरूरी होता है,” उन्होंने जोड़ा।
रोहित शर्मा का टेस्ट करियर – एक नज़र
कुल टेस्ट मैच: 67
कुल रन: 4301
औसत: 40.57
शतक: 12
अर्धशतक: 18
रोहित शर्मा ने भारत के लिए कई यादगार पारियां खेलीं। उनकी कप्तानी में भारत ने कई सीरीज जीतें, लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मिली हार के बाद उनकी टेस्ट कप्तानी पर सवाल उठने लगे। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड दौरे से पहले ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया।
अब वनडे फॉर्मेट पर फोकस
अब रोहित शर्मा सिर्फ वनडे क्रिकेट में भारत के लिए खेल रहे हैं और उनकी नजरें साल के अंत में होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व की वहां भी अहम भूमिका रहने वाली है।
रोहित शर्मा का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास भारतीय क्रिकेट के लिए एक युग का अंत है। लेकिन उनका यह फैसला दिखाता है कि वह अपने शरीर और मानसिक स्थिति को समझते हैं और कैरियर को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाना चाहते हैं। वनडे फॉर्मेट में उनकी उपस्थिति भारतीय टीम के लिए अब भी बहुत अहम है।
Read More : AB de Villiers IPL 2025: एबी डिविलियर्स करेंगे आरसीबी में वापसी, इस बार कोच या मेंटर के रूप में?











