SI Recruitment Exam 2021 : राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 2021 में हुई सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला सुनाया है। यह निर्णय पेपर लीक की पुष्टि और प्रक्रिया में अनियमितताओं के आधार पर लिया गया है। कोर्ट के इस फैसले से उन हजारों ईमानदार अभ्यर्थियों को राहत मिली है जो बीते चार साल से न्याय की आस लगाए बैठे थे।

क्या है मामला?
2021 में राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर के 859 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस भर्ती परीक्षा में करीब 7 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा के बाद पेपर लीक की खबरें सामने आईं, जिसकी जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई ट्रेनी सब इंस्पेक्टर भी इस घोटाले में शामिल पाए गए।

पिछले साल अगस्त में इस भर्ती को रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि पेपर लीक के चलते भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही, जिससे हजारों योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ।
हाईकोर्ट का फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद माना कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ थीं, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि किसी भी भर्ती में भरोसेमंद और निष्पक्ष प्रक्रिया अनिवार्य होती है। इसलिए 2021 की पूरी एसआई भर्ती परीक्षा को रद्द किया जाता है।
छात्रों में राहत, सरकार पर फिर दबाव
कोर्ट के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForSIaspirants ट्रेंड करने लगा। बड़ी संख्या में छात्रों और युवा संगठनों ने हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया। उनका कहना है कि यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश है।
वहीं अब सरकार पर दबाव है कि वह जल्द से जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करे ताकि योग्य अभ्यर्थियों का समय बर्बाद न हो।
अगला कदम क्या?
राज्य सरकार को नई भर्ती अधिसूचना जल्द जारी करनी होगी।पेपर लीक मामले में शामिल सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है। परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सख्त निगरानी और तकनीकी उपाय लागू किए जाने की मांग हो रही है। राजस्थान में सरकारी भर्तियों में पेपर लीक अब आम समस्या बन चुकी है। हाईकोर्ट का यह फैसला न केवल एसआई भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए राहत है, बल्कि यह राज्य में नौकरी घोटालों पर लगाम कसने की दिशा में एक अहम कदम है। अब देखना होगा कि सरकार इस फैसले के बाद कितनी तेजी से पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के साथ नई भर्ती शुरू करती है।










