Kushinagar Murder: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर जोर देती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे एकदम उलट नजर आ रही है। कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। सेमरा हर्दो गांव में दबंगों ने सरेआम एक युवक को दौड़ाकर धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

सरेआम हत्या से सनसनी
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान 38 वर्षीय उत्कर्ष सिंह के रूप में हुई है। उत्कर्ष शुक्रवार देर शाम बाजार से लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने उत्कर्ष को सड़क पर दौड़ाया और धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार किए। घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में कुशीनगर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

गांव में फैली दहशत, पुलिस अलर्ट मोड पर

इस नृशंस हत्या से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। हालात को देखते हुए पुलिस ने सेमरा हर्दो गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचे, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा थम नहीं रहा। लोगों का कहना है कि जब बदमाश इस कदर खुलेआम हथियार लहराते हुए हत्या कर सकते हैं, तो पुलिस की खुफिया व्यवस्था कहां थी?
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रदेश में यह कोई पहली घटना नहीं है। बीते कुछ महीनों में यूपी के अलग-अलग जिलों से सरेआम गोलीबारी, हमले और हत्याओं की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या योगी सरकार का ‘गुंडे या तो जेल में होंगे या प्रदेश छोड़ देंगे’ वाला दावा अब केवल भाषणों तक सीमित रह गया है?
ग्रामीणों का कहना है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और दबंगई मानसिकता है, जिसके चलते पहले भी कई बार धमकियां दी जा चुकी थीं। बावजूद इसके, पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसका नतीजा यह वीभत्स हत्या है।
विपक्ष हमलावर, सरकार की चुप्पी
इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने भी योगी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और रालोद नेताओं ने इसे प्रदेश में बढ़ते ‘गुंडाराज’ का उदाहरण बताया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जवाब मांगा है।
कुशीनगर में हुई यह बर्बर हत्या प्रदेश की कानून-व्यवस्था को आईना दिखा रही है। जनता जानना चाहती है कि क्या उत्तर प्रदेश में अब भी अपराधी बेखौफ हैं और क्या सरकार केवल नारों और दावों तक सीमित रह गई है? पुलिस को चाहिए कि जल्द से जल्द हमलावरों की गिरफ्तारी कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए और जनता के भरोसे को फिर से बहाल करे।











