Trump Tariff Statement: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर जहां वैश्विक स्तर पर बहस जारी है, वहीं अब अमेरिकी कोर्ट ने इस पर बड़ा फैसला सुनाते हुए ट्रंप के एक अहम निर्णय को असंवैधानिक करार दिया है। अदालत के इस फैसले से ट्रंप को कानूनी झटका तो लगा ही है, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए इसका पुरजोर बचाव किया है। क्या है मामला? डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए लागू की गई टैरिफ नीति (आयात शुल्क) को लेकर भारत समेत कई देशों से अमेरिका के रिश्तों में खटास आई थी। अमेरिकी कारोबारियों और उद्योगों में भी इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया रही। हाल ही में एक संघीय अदालत ने इस नीति को अवैध और असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन ने संविधान और वाणिज्य कानून के नियमों का उल्लंघन किया। ट्रंप की प्रतिक्रिया: “बिना टैरिफ के खत्म हो जाएगा अमेरिका” कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक लंबा पोस्ट लिखा जिसमें उन्होंने अपनी नीति का बचाव करते हुए लिखा:”टैरिफ से अमेरिका को खरबों डॉलर का लाभ हुआ है। अगर ये टैरिफ हटा दिए गए, तो हमारा देश पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा और हमारी सैन्य शक्ति तुरंत समाप्त हो जाएगी।” ट्रंप ने अपनी व्यापारिक रणनीति को अमेरिका की आर्थिक और रक्षा सुरक्षा से जोड़ा, और कहा कि टैरिफ के बिना अमेरिका विदेशी प्रतिस्पर्धा के आगे टिक नहीं पाएगा। ट्रंप की जजों पर टिप्पणी कोर्ट के 7 में से 4 जजों ने ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ फैसला दिया। इस पर ट्रंप ने कहा:”इन 4 जजों की राय एक कट्टर वामपंथी समूह जैसी थी, जिन्हें देश की परवाह नहीं।”हालांकि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा नियुक्त एक डेमोक्रेटिक जज की तारीफ करते हुए कहा:”मैं उस जज का शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने देश के पक्ष में वोट दिया। वह अमेरिका से प्यार करते हैं और उसका सम्मान करते हैं।”यह बयान ट्रंप की राजनीतिक रणनीति की ओर भी इशारा करता है, जहां वे विरोधी पार्टी के अंदर से भी अपने समर्थन की तलाश कर रहे हैं। भारत समेत कई देशों से बढ़ा तनाव ट्रंप की टैरिफ नीति के चलते भारत, चीन, कनाडा, यूरोपीय यूनियन जैसे कई देशों के साथ अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में खटास आई थी। भारत ने भी जवाबी शुल्क लगाते हुए कई अमेरिकी उत्पादों पर टैक्स बढ़ा दिया था। कोर्ट का यह फैसला ट्रंप की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है, खासकर तब जब वे 2024 में दोबारा राष्ट्रपति पद के लिए मैदान में उतरे थे और अब एक बार फिर सक्रिय राजनीति में दिख रहे हैं। इस मुद्दे पर ट्रंप का तीखा रुख और सोशल मीडिया बयानबाज़ी यह साफ करता है कि टैरिफ नीति को लेकर उनका रुख न सिर्फ सख्त है, बल्कि वह इसे अपनी राजनीतिक विचारधारा और अमेरिकी राष्ट्रवाद का हिस्सा मानते हैं। Read more :US Plane Crash: अमेरिका में फिर बड़ा विमान हादसा, कोलोराडो एयरपोर्ट पर दो छोटे विमान टकराए, 9 की मौत की आशंका














