Muradabad Murder: रविवार शाम उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई जब हिंदू समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष कमल चौहान की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना कटघर थाना क्षेत्र के करूला इलाके में उस समय हुई जब वह स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने कमल चौहान के सिर और सीने पर दो गोलियां मारीं और मौके से फरार हो गए। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना का विवरण
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि यह हमला करुला इलाके में हुआ। पुलिस को सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी गई। परिजनों की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मुख्य आरोपी सनी उर्फ सोनू दिवाकर की गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष पुलिस टीमें बनाई गई हैं।

कमल चौहान और आरोपी के आपराधिक कनेक्शन
पुलिस जांच में सामने आया है कि कमल चौहान स्वयं एक हिस्ट्रीशीटर था और उसका वेस्ट यूपी के कई कुख्यात अपराधियों से संपर्क था। ड्रग्स, सट्टा और अवैध वसूली जैसे मामलों में उसके खिलाफ कई आपराधिक केस दर्ज थे।
मुख्य आरोपी सनी उर्फ सोनू दिवाकर का भी गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है। वह जुआ, रंगदारी और ड्रग्स के कारोबार से जुड़ा हुआ है। दो दिन पहले ही कटघर थाने में उसके खिलाफ रंगदारी का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस को शक है कि दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी, जो हत्या की वजह बनी।
परिवार ने BJP नेताओं पर लगाए आरोप
कमल चौहान के परिवार ने इस हत्या के पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े लोगों का हाथ बताया है। मृतक की पत्नी का कहना है कि कमल को कई दिनों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस में की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी राजनीतिक रसूख के दम पर खुलेआम अपराध कर रहे हैं। मृतक की पत्नी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेंगी।
पुलिस की कार्रवाई
एसएसपी सतपाल अंतिल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन विशेष टीमों को आरोपी सोनू दिवाकर और उसके साथियों की गिरफ्तारी का निर्देश दिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच कर रही है। एसपी सिटी ने कहा, “हम हर कोण से जांच कर रहे हैं। परिवार द्वारा जिन लोगों के नाम तहरीर में दिए गए हैं, उन पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
कमल चौहान की हत्या से एक बार फिर यूपी की कानून व्यवस्था और राजनीतिक अपराध पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला केवल आपसी रंजिश का नहीं, बल्कि राजनीति, अपराध और प्रशासनिक लापरवाही के जटिल ताने-बाने को उजागर करता है। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले को कितनी तेजी और निष्पक्षता से सुलझा पाती है।










