Stalin on CAA: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने हाल ही में एक कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार और राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी AIADMK पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि डीएमके ही एकमात्र पार्टी है जो मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा के लिए सच्चे दिल से खड़ी रही है।
वक्फ कानून संशोधन पर डीएमके का ‘कानूनी संघर्ष’
स्टालिन ने वक्फ अधिनियम संशोधन को लेकर केंद्र पर हमला करते हुए कहा कि यदि डीएमके और सहयोगी दल सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई नहीं लड़ते, तो यह कानून मुस्लिमों के धार्मिक और संपत्ति अधिकारों पर गंभीर असर डालता। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा विवादित प्रावधानों पर रोक लगाना डीएमके की बड़ी जीत है।
CAA और तीन तलाक कानून पर AIADMK को घेरा
मुख्यमंत्री स्टालिन ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और तीन तलाक कानून जैसे संवेदनशील मुद्दों पर AIADMK के “दोहरे रवैये” की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब मुसलमान CAA के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, तब AIADMK सरकार के दौरान लाठीचार्ज और दमन हुआ था। इसके उलट, डीएमके ने हमेशा संविधान और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की।
मुसलमानों के लिए गिनाईं योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमके सरकार ने मुसलमानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनमें शामिल हैं:
BC वर्ग में 3.5% आंतरिक आरक्षण
उर्दू भाषियों को BC लिस्ट में शामिल करना
अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड का गठन
उर्दू अकादमी की स्थापना
चेन्नई एयरपोर्ट के पास नया हज हाउस का निर्माण
उन्होंने बताया कि पैगंबर मोहम्मद से जुड़ा विषय स्कूल पाठ्यक्रम में पहले ही जोड़ा जा चुका है, जो SDPI नेता नेलाई मुबारक की मांग पर आधारित था।
फिलिस्तीन मुद्दे पर स्टालिन की चिंता
स्टालिन ने गाजा और फिलिस्तीन में जारी हिंसा पर चिंता जताई और केंद्र सरकार से मांग की कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलिस्तीनियों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि डीएमके हमेशा न्याय के पक्ष में खड़ी रही है, चाहे मुद्दा देश का हो या वैश्विक।
“डीएमके ही है मुसलमानों की सच्ची मित्र” – स्टालिन
मुख्यमंत्री ने मंच से कहा, “अगर मुसलमानों के साथ अन्याय होता है, तो सबसे पहले जो पार्टी उनके साथ खड़ी होती है, वह डीएमके है।” उन्होंने दावा किया कि जो नेता सच्चाई को समझते हैं, जैसे अनवर राजा, वो अब डीएमके के साथ हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि कौन उनका असली हितैषी है।
स्टालिन के इस बयान को तमिलनाडु में आगामी राजनीतिक समीकरणों और मुस्लिम वोट बैंक को लेकर रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह भाषण जहां मुस्लिम समुदाय को आश्वस्त करता है, वहीं AIADMK और भाजपा पर सीधा हमला भी करता है, जिससे राज्य की सियासत और तेज़ हो सकती है।
Read More: UP FIR Caste : उत्तर प्रदेश में FIR और पुलिस रिकॉर्ड से हटेगा जाति का जिक्र, हाईकोर्ट के आदेश पर बड़ा फैसला
Stalin on CAA: मुस्लिम समुदाय के समर्थन में स्टालिन का बड़ा बयान, CAA और वक्फ संशोधन पर केंद्र और AIADMK पर साधा निशाना
Stalin on CAA: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने हाल ही में एक कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार और राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी AIADMK पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि डीएमके ही एकमात्र पार्टी है जो मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा के लिए सच्चे दिल से खड़ी रही है।
वक्फ कानून संशोधन पर डीएमके का ‘कानूनी संघर्ष’
स्टालिन ने वक्फ अधिनियम संशोधन को लेकर केंद्र पर हमला करते हुए कहा कि यदि डीएमके और सहयोगी दल सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई नहीं लड़ते, तो यह कानून मुस्लिमों के धार्मिक और संपत्ति अधिकारों पर गंभीर असर डालता। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा विवादित प्रावधानों पर रोक लगाना डीएमके की बड़ी जीत है।
CAA और तीन तलाक कानून पर AIADMK को घेरा
मुख्यमंत्री स्टालिन ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और तीन तलाक कानून जैसे संवेदनशील मुद्दों पर AIADMK के “दोहरे रवैये” की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब मुसलमान CAA के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, तब AIADMK सरकार के दौरान लाठीचार्ज और दमन हुआ था। इसके उलट, डीएमके ने हमेशा संविधान और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की।
मुसलमानों के लिए गिनाईं योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमके सरकार ने मुसलमानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनमें शामिल हैं:
BC वर्ग में 3.5% आंतरिक आरक्षण
उर्दू भाषियों को BC लिस्ट में शामिल करना
अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड का गठन
उर्दू अकादमी की स्थापना
चेन्नई एयरपोर्ट के पास नया हज हाउस का निर्माण
उन्होंने बताया कि पैगंबर मोहम्मद से जुड़ा विषय स्कूल पाठ्यक्रम में पहले ही जोड़ा जा चुका है, जो SDPI नेता नेलाई मुबारक की मांग पर आधारित था।
फिलिस्तीन मुद्दे पर स्टालिन की चिंता
स्टालिन ने गाजा और फिलिस्तीन में जारी हिंसा पर चिंता जताई और केंद्र सरकार से मांग की कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलिस्तीनियों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि डीएमके हमेशा न्याय के पक्ष में खड़ी रही है, चाहे मुद्दा देश का हो या वैश्विक।
“डीएमके ही है मुसलमानों की सच्ची मित्र” – स्टालिन
मुख्यमंत्री ने मंच से कहा, “अगर मुसलमानों के साथ अन्याय होता है, तो सबसे पहले जो पार्टी उनके साथ खड़ी होती है, वह डीएमके है।” उन्होंने दावा किया कि जो नेता सच्चाई को समझते हैं, जैसे अनवर राजा, वो अब डीएमके के साथ हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि कौन उनका असली हितैषी है।
स्टालिन के इस बयान को तमिलनाडु में आगामी राजनीतिक समीकरणों और मुस्लिम वोट बैंक को लेकर रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह भाषण जहां मुस्लिम समुदाय को आश्वस्त करता है, वहीं AIADMK और भाजपा पर सीधा हमला भी करता है, जिससे राज्य की सियासत और तेज़ हो सकती है।
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