Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच पूर्वी बिहार के प्रसिद्ध निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बिहार में स्टार प्रचारक बनने पर प्रतिक्रिया दी है। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सभी नेता का सम्मान करते हैं, खासकर योगी आदित्यनाथ को, जो न केवल मुख्यमंत्री हैं बल्कि उनके भाई भी हैं।

पप्पू यादव का बयान
पप्पू यादव ने कहा, “सब आए हम सम्मान करते हैं, वो मुख्यमंत्री हैं और हमारे भाई हैं। बिहार जेपी, लोहिया और गांधी की धरती है, यहां नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। बिहार मोहब्बत के रास्ते पर चलता है। बिहार दुनिया के बौद्धिक और आध्यात्मिक परिवर्तन की जन्मभूमि है।”

उन्होंने कहा कि बिहार की संस्कृति बेहद समृद्ध है और किसी भी प्रकार की नफरत या विभाजन को इस धरती ने कभी स्वीकार नहीं किया। “जिन लोगों ने जाति और हिंदू-मुस्लिम के नाम पर विभाजन पैदा करने की कोशिश की, उन्होंने बिहार की संस्कृति को दूषित किया। बिहार की युवा पीढ़ी इसे स्वीकार नहीं करेगी,” पप्पू यादव ने कहा।
बिहार की सांस्कृतिक और राजनीतिक विरासत पर जोर
पप्पू यादव ने बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि सोच, चेतना और बौद्धिकता का केन्द्र है। “बिहार की युवा पीढ़ी परिवर्तन की ओर बढ़ रही है और वे जातिगत राजनीति या धर्म के नाम पर भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेंगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण है। “नीतीश कुमार के बिना यहां भाजपा का कोई मतलब नहीं है। नीतीश की लोकप्रियता और उनके नेतृत्व के कारण ही भाजपा बिहार में मजबूत है।”
योगी आदित्यनाथ के प्रचार अभियान को लेकर
योगी आदित्यनाथ के बिहार चुनाव में स्टार प्रचारक बनने को लेकर पप्पू यादव ने यह माना कि यह भाजपा की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “योगी जी हमारे भाई हैं, उनका सम्मान है। वे जो भी करें बिहार की जनता देखेगी और निर्णय करेगी।”
पप्पू यादव ने यह भी कहा कि बिहार की राजनीति में नफरत और विवादों को बढ़ावा देना नहीं चाहिए। “बिहार की राजनीति को विकास और समृद्धि की दिशा में जाना चाहिए, न कि नफरत और विघटन की ओर।”
राजनीतिक माहौल और आगामी चुनाव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर राजनीतिक दल अपने-अपने प्रचार अभियान में जुटे हैं। इस बीच, पप्पू यादव का यह बयान सामाजिक और राजनीतिक सहिष्णुता का उदाहरण माना जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि बिहार में सभी समुदायों और जातियों के बीच सद्भाव होना चाहिए।उन्होंने कहा, “हम सभी बिहार की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए काम करेंगे। बिहार की जनता भी यही चाहती है कि प्रदेश में शांति और समृद्धि हो।”
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव का बयान बिहार की राजनैतिक और सांस्कृतिक पहचान को पुनः स्थापित करता है। उनके शब्दों में बिहार की युवा पीढ़ी की आशाएं और आकांक्षाएं झलकती हैं जो नफरत और जातिवाद से ऊपर उठकर विकास और एकता की ओर बढ़ रही है। आगामी विधानसभा चुनाव में यह संदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है कि बिहार में सभी को साथ लेकर चलने की आवश्यकता है।
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