Ind vs Pak Women : मैदान पर जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होती हैं, तो रोमांच अपने चरम पर होता है। इस महामुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित की है। मैच की शुरुआत में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एक बेहद विस्फोटक और मजबूत शुरुआत दी। मंधाना ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स खेले और एक बेहतरीन अर्धशतक जड़ा। उन्होंने महज 44 गेंदों का सामना करते हुए 68 रनों की बेहद आक्रामक पारी खेली। अपनी इस शानदार पारी के दौरान उन्होंने 9 गगनचुंबी चौके और 2 कड़कड़ाते छक्के भी लगाए। उनकी इस पारी ने भारतीय टीम के लिए एक बड़े स्कोर का मजबूत आधार तैयार कर दिया, जिससे विपक्षी टीम मैच की शुरुआत में ही पूरी तरह से दबाव में आ गई।

कप्तान हरमनप्रीत कौर और ऋचा घोष का मध्यक्रम में मिला मजबूत साथ
स्मृति मंधाना के आउट होने के बाद भारतीय पारी को आगे बढ़ाने और रन गति को बनाए रखने की जिम्मेदारी अनुभवी कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बखूबी संभाली। हरमनप्रीत ने सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 36 रनों की एक बेहद महत्वपूर्ण और कप्तानी पारी खेली। उन्होंने मध्यक्रम में विकेट गिरने के सिलसिले को रोका और स्कोरबोर्ड को लगातार चलाए रखा। पारी के अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी करने आईं युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने तो अपनी तूफानी बल्लेबाजी से मैच का पासा ही पलट दिया। ऋचा ने पाकिस्तानी गेंदबाजों पर आते ही धावा बोल दिया और मात्र 17 गेंदों में ताबड़तोड़ 34 रन कूट डाले। ऋचा की इस तेजतर्रार पारी की बदौलत भारतीय टीम निर्धारित ओवरों में 171 रनों के एक बेहद चुनौतीपूर्ण और विशाल स्कोर तक पहुँचने में पूरी तरह सफल रही।

पाकिस्तानी गेंदबाजों का संघर्ष और विकेट लेने की नाकाम जद्दोजहद
भारतीय बल्लेबाजों के इस आक्रामक रुख के सामने पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह असहाय और बेअसर नजर आया। हालांकि, इस कठिन परिस्थिति में भी पाकिस्तान की ओर से सादिया इकबाल और फातिमा सना ने अपनी टीम की वापसी कराने की कुछ हद तक कोशिश की। इन दोनों ही गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए भारत के 2-2 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। सादिया और फातिमा के अलावा टीम की अन्य गेंदबाजों में तस्मिया रुबाब और रामीन शमीम को भी मैच में थोड़ी बहुत सफलता हाथ लगी और दोनों ने 1-1 भारतीय बल्लेबाज को पवेलियन की राह दिखाई। लेकिन इन सफलताओं के बावजूद पाकिस्तानी गेंदबाज रन गति पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम रहीं, जिसके कारण भारत एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में कामयाब हो गया।
दीप्ति शर्मा के पंजे में फंसी पाकिस्तानी टीम, महज 106 रनों पर हुई ढेर
जीत के लिए मिले 171 रनों के विशाल और पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों के सामने घुटने टेकती नजर आई। दबाव के आगे पाकिस्तानी बल्लेबाज एक-एक करके पवेलियन लौटते गए और पूरी टीम महज 17 ओवरों में सिर्फ 106 रन के मामूली स्कोर पर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान की तरफ से केवल सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली ही भारतीय गेंदबाजों का कुछ मुकाबला कर सकीं, जिन्होंने अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा 41 रनों का योगदान दिया।
उनके अलावा कोई भी अन्य बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सका। भारत की ओर से फिरकी गेंदबाज दीप्ति शर्मा ने करिश्माई गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके और पाकिस्तान की कमर तोड़ दी। उनके अलावा श्री चरणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लिए, जबकि शेफाली वर्मा को 1 सफलता मिली। इस तरह भारत ने यह मैच बड़े अंतर से जीत लिया।
Neelkant Bird : किसानों का वो सच्चा मददगार पक्षी, जो बिना पैसों के बचाता है करोड़ों की फसल!











