Coal Trailer Accident : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक अत्यंत हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बिलासपुर-कटघोरा नेशनल हाईवे पर हुए इस भीषण हादसे में दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। बेलतरा के रहने वाले संदीप रजक (23) और उनके छोटे भाई प्रदीप रजक (16) अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे। हादसे के वक्त दोनों भाई अपनी बहन की फरमाइश पूरी करने के लिए मोमोज लेकर घर लौट रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। यह पूरी घटना रतनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई, जहाँ एक अनियंत्रित ट्रेलर ने उनकी जान ले ली।

लापरवाही की भेंट चढ़ा परिवार: प्रशासन की बड़ी चूक
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे के पीछे नेशनल हाईवे किनारे की गई गहरी खुदाई को मुख्य कारण माना जा रहा है। करीब चार महीने पहले बस स्टैंड के पास एक पेट्रोल पंप के सामने नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे बड़े गड्ढे खोदे गए थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी के विरोध के बाद निर्माण कार्य तो रोक दिया गया, लेकिन उन खतरनाक गड्ढों को भरा नहीं गया। वहां पड़ी निर्माण सामग्री और खुले गड्ढे राहगीरों के लिए मौत का जाल बने हुए थे। बुधवार रात करीब 8 बजे जब कोयले से लदा तेज रफ्तार ट्रेलर (CG 12 BH 2296) वहां से गुजरा, तो ड्राइवर गड्ढे के पास संतुलन खो बैठा और वाहन पलट गया।

ट्रेलर की चपेट में आए बाइक सवार भाई
सड़क से गुजर रही बाइक ट्रेलर की चपेट में आ गई, जिससे संदीप और प्रदीप उसके नीचे दब गए। ट्रेलर में लदा कोयला सड़क पर बिखर गया, जिससे राहत कार्य में भी भारी मशक्कत करनी पड़ी। ट्रेलर पलटने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना मिलने पर रतनपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और हाइड्रा मशीन की मदद से ट्रेलर को हटवाया। भारी जद्दोजहद के बाद दोनों भाइयों के शवों को बाहर निकाला जा सका।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक भाइयों की पहचान होने के बाद क्षेत्र में मातम पसर गया। संदीप और प्रदीप के पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, जिसके बाद घर की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं दोनों भाइयों के कंधों पर थी। वे अपनी मां और बहन के भरण-पोषण के लिए दिन-रात मेहनत करते थे। हादसे के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उन गड्ढों को भर दिया होता, तो आज दो घर के चिराग नहीं बुझते।
पुलिस की कार्रवाई और तनावपूर्ण स्थिति
घटनास्थल पर बड़ी संख्या में भीड़ जमा होने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते पुलिस ने एहतियात बरतते हुए शवों को तत्काल पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। रतनपुर पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और ट्रेलर ड्राइवर की तलाश सहित दुर्घटना के विस्तृत कारणों की जांच शुरू कर दी है। हाईवे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जानलेवा गड्ढों के मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी अब सवाल उठने लगे हैं।
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