Chhattisgarh Politics : छत्तीसगढ़ के अभनपुर में आज से कांग्रेस पार्टी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ हो गया है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य राज्य भर के जिला अध्यक्षों और प्रमुख संगठनात्मक पदाधिकारियों को राजनीतिक कौशल और कार्यप्रणाली में दक्ष बनाना है। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। इस 10 दिवसीय शिविर की सबसे बड़ी आकर्षण राहुल गांधी की उपस्थिति होगी। राहुल गांधी 21 जून को रायपुर पहुंचेंगे और अभनपुर में लगभग साढ़े पांच घंटे तक रुककर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और उन्हें आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।

बीजेपी विधायक का तंज: “दिल्ली से आ रहा है जोकर”
राहुल गांधी के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की घोषणा होते ही प्रदेश की सियासत में तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी के दौरे पर कड़ा कटाक्ष करते हुए इसे ‘तमाशा’ करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “दिल्ली से जोकर आ रहा है” और अगले 10 दिनों तक यहां मनोरंजन का कार्यक्रम चलेगा। बीजेपी विधायक के इस विवादास्पद बयान ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

विकास उपाध्याय का पलटवार: “पुरंदर मिश्रा को इलाज की जरूरत है”
बीजेपी विधायक के ‘जोकर’ वाले बयान पर कांग्रेस ने जोरदार पलटवार किया है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने पुरंदर मिश्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें मानसिक उपचार की तत्काल आवश्यकता है और कांग्रेस उनका इलाज कराने को तैयार है। उपाध्याय ने मिश्रा को ‘एक्सीडेंटल विधायक’ करार देते हुए कहा कि वे केवल अपना राजनीतिक कद बढ़ाने और सुर्खियां बटोरने के लिए इस तरह की अशोभनीय बयानबाजी कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी हताशा में है क्योंकि उसे राहुल गांधी के दौरे से राजनीतिक नुकसान का डर सता रहा है।
प्रशिक्षण शिविर का महत्व और कांग्रेस की चुनावी तैयारी
यह प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीतियों को मजबूती देने का एक बड़ा मंच है। संगठन को धरातल पर मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के लिए कांग्रेस इसे एक ‘मास्टर क्लास’ के रूप में देख रही है। सचिन पायलट की उपस्थिति यह दर्शाती है कि आलाकमान छत्तीसगढ़ में संगठन की मजबूती को कितनी गंभीरता से ले रहा है। राहुल गांधी का साढ़े पांच घंटे का लंबा सत्र कार्यकर्ताओं के लिए किसी भी बड़ी राजनीतिक जंग से पहले का सबसे महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश माना जा रहा है। 10 दिनों तक चलने वाले इस शिविर में विभिन्न सत्रों के जरिए पदाधिकारियों को सोशल मीडिया प्रबंधन, जनसंपर्क और सरकारी नीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सियासी पारा और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियां
अभनपुर में जारी यह प्रशिक्षण शिविर और उस पर हो रही बयानबाजी छत्तीसगढ़ के बदलते सियासी समीकरणों का स्पष्ट संकेत है। एक तरफ कांग्रेस अपने संगठन को अनुशासित करने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे तमाशा बताकर जनता के बीच राहुल गांधी की छवि को लेकर हमलावर है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि कांग्रेस की यह ‘पाठशाला’ कार्यकर्ताओं में कितना जोश भर पाती है, लेकिन फिलहाल तो पुरंदर मिश्रा और विकास उपाध्याय की यह जुबानी जंग सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक सुर्खियों में बनी हुई है।

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