Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस विभाग को शर्मसार कर देने वाला एक अत्यंत सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के सिरौली थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक (दरोगा) नरेश बाबू पर एक पीड़ित महिला ने शादी का झांसा देकर एक साल तक यौन शोषण करने, सरकारी नौकरी का लालच देकर ठगी करने और लाखों रुपये के सोने के जेवर हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और चरित्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला द्वारा एसएसपी कार्यालय में सौंपे गए सबूतों और तस्वीरों ने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

मजबूरी का फायदा उठाकर दरोगा ने बुना प्रेमजाल
पीड़ित महिला बरेली के बारादरी क्षेत्र की निवासी है। महिला के अनुसार, साल 2022 से वह अपने पति से विवाद के चलते अलग रह रही थी। साल 2025 में जब वह अपने ससुराल पक्ष के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज कराने बारादरी थाने पहुँची, तो वहाँ तैनात दरोगा नरेश बाबू से उसकी मुलाकात हुई। दरोगा ने महिला की विवशता का अनुचित लाभ उठाते हुए उसे अपनी बातों के जाल में फंसा लिया। आरोपी ने अपना रौब जमाते हुए दावा किया कि एसएसपी से उसके गहरे संबंध हैं और वह महिला को सरकारी नौकरी दिलवा सकता है। उसने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर महिला से कानूनी विवाह करने का झूठा वादा भी किया।

करवा चौथ के बाद घर में जमाया डेरा और की ठगी
खाकी की आड़ में दरोगा के इरादे इतने घातक थे कि उसने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। महिला के विश्वास का लाभ उठाकर आरोपी उसके घर आने-जाने लगा और शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। पिछले साल करवा चौथ के बाद तो दरोगा ने महिला के घर में ही अपना डेरा जमा लिया। कहानी में मोड़ तब आया जब फरवरी 2026 में दरोगा ने अपने बेटे की शादी का बहाना बनाकर महिला को भावुक रूप से ब्लैकमेल किया और उसके लगभग 8 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण हड़प लिए। जब पीड़िता ने अपने गहने वापस मांगे, तो दरोगा ने अपनी असली औकात दिखाते हुए उसे जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं।

एसएसपी का सख्त एक्शन: तत्काल निलंबन और जांच के आदेश
महिला द्वारा एसएसपी अनुराग आर्य के समक्ष अपनी व्यथा सुनाने और साक्ष्य पेश करने के बाद प्रशासन ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। एसएसपी अनुराग आर्य ने बिना देरी किए आरोपी दरोगा नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि खाकी की आड़ में किसी भी प्रकार का कदाचार और महिलाओं के साथ अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले की गहन विभागीय जांच की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) अंशिका वर्मा को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ न केवल विभागीय बल्कि कठोर आपराधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने जिले की पुलिस व्यवस्था के प्रति जनता के भरोसे को एक बड़ा झटका दिया है, और अब पीड़िता न्याय तथा अपने जेवर की बरामदगी के लिए संघर्ष कर रही है।
Read More : IAS Transfer : आईएएस अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के सीईओ बदले











