Stock Market Crash : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार का दिन निवेशकों के लिए भारी उथल-पुथल भरा रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को लेकर दिए गए कड़े बयानों ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। ट्रंप के इस रुख के बाद कि ईरान के साथ समझौता अब समाप्त हो चुका है, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में करीब 7 प्रतिशत का भारी उछाल आया। इस घटनाक्रम का सीधा असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर पड़ा। दोपहर 3 बजे तक सेंसेक्स 1,900 अंक से अधिक की गिरावट के साथ 76,259.03 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 580 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,805.20 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

महज आधे घंटे में निवेशकों की बड़ी संपत्ति स्वाहा
बाजार में आई इस सुनामी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि निवेशकों की संपत्ति में महज 30 मिनट के भीतर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप जो लगभग 4.81 लाख करोड़ रुपये था, वह आज घटकर 4.71 लाख करोड़ रुपये के आसपास रह गया। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, कुल 4,317 स्टॉक्स में से 2,963 शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया, जो यह दर्शाता है कि निवेशकों का डर किसी चुनिंदा क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि चौतरफा बिकवाली देखने को मिली।

तेल की कीमतों ने बढ़ाई महंगाई की आशंका
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हमेशा एक बड़ी चुनौती रही हैं। ब्रेंट क्रूड के 80 डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड के 75 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। भारत अपनी तेल जरूरतों का अधिकांश हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से न केवल कंपनियों की लागत बढ़ती है बल्कि राजकोषीय घाटे पर भी दबाव पड़ता है। इसी चिंता के कारण विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशक ‘रिस्क ऑफ’ मोड में आ गए हैं।

वैश्विक स्तर पर नकारात्मक सेंटीमेंट
बाजार में मची इस खलबली का असर केवल भारत तक सीमित नहीं रहा। यूरोप और अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। एशियाई बाजारों में कोस्पी (KOSPI) में 5 प्रतिशत से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि गिफ्ट निफ्टी भी 2 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया। डाउ फ्यूचर्स में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दिख रही यह नकारात्मकता भारतीय बाजार के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।
इंडिया विक्स में उछाल और बढ़ता पैनिक
बाजार में निवेशकों के बीच व्याप्त घबराहट का सबसे बड़ा पैमाना ‘इंडिया विक्स’ (India Vix) है, जिसमें आज 28 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल आया। यह सूचकांक 11.65 से बढ़कर 14.95 के स्तर पर जा पहुंचा है। वोलैटिलिटी इंडेक्स का इस कदर बढ़ना यह संकेत देता है कि आने वाले समय में भी बाजार में भारी उठापटक जारी रह सकती है। पैनिक सेलिंग की इस स्थिति में निवेशक सतर्क रहने की कोशिश कर रहे हैं और जोखिम वाले शेयरों से पूरी तरह दूरी बना ली है।
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