Rahul Dravid : घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 1-2 की करारी हार के बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने एक बड़ा और साहसी फैसला लिया है। खराब प्रदर्शन की गाज मुख्य कोच ब्रैंडन मैकुलम पर गिरी है, जिन्हें टेस्ट टीम के कोच पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही मैकुलम का चार साल का टेस्ट कोचिंग सफर समाप्त हो गया है। हालांकि, बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि मैकुलम सीमित ओवरों के क्रिकेट यानी वनडे और टी20 टीम के कोच बने रहेंगे। यह निर्णय अगले साल होने वाली एशेज सीरीज को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि टीम को नए सिरे से तैयार किया जा सके।

राहुल द्रविड़ हैं सबसे मजबूत दावेदार, क्या वे मानेंगे इंग्लैंड का प्रस्ताव?
‘डेली टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कोच पद के लिए भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ का नाम सबसे आगे चल रहा है। 53 वर्षीय द्रविड़ ने अपने कोचिंग करियर में भारत को 2024 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जिताया और 2023 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचाया। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि द्रविड़ फिलहाल फुल-टाइम कोचिंग की भूमिका निभाने के मूड में नहीं हैं। बावजूद इसके, इंग्लैंड बोर्ड उन्हें अपनी पहली प्राथमिकता मान रहा है, क्योंकि द्रविड़ की क्रिकेट समझ और युवा प्रतिभाओं को निखारने की उनकी क्षमता बेमिसाल है। यदि वे इंग्लैंड के कोच बनते हैं, तो यह उनके पसंदीदा प्रारूप—टेस्ट क्रिकेट—में काम करने का एक बेहतरीन अवसर होगा।

कोचिंग के दिग्गजों की लंबी सूची: एशेज पर है इंग्लैंड की नजर
नए हेड कोच की दौड़ में राहुल द्रविड़ के अलावा कई अन्य दिग्गज क्रिकेट हस्तियों के नाम भी चर्चा में हैं। इस सूची में सबसे प्रमुख नाम जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर एंडी फ्लावर का है। फ्लावर को इंग्लैंड क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल कोच माना जाता है, जिन्होंने अपनी कोचिंग के दौरान टीम को तीन बार एशेज सीरीज जिताई और आईसीसी रैंकिंग में नंबर-1 के पायदान तक पहुँचाया। इसके अलावा, श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा, इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी एंड्रयू फ्लिंटॉफ, पाकिस्तान के हेड कोच रहे माइक हेसन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जस्टिन लैंगर जैसे बड़े नाम भी इस रेस में शामिल हैं।
बोर्ड की प्राथमिकता और भविष्य की चुनौती
ECB का स्पष्ट मानना है कि टीम में आमूल-चूल बदलाव करने का यह बिल्कुल सही समय है। एशेज सीरीज इंग्लैंड के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न है, और बोर्ड कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहता। राहुल द्रविड़ का अनुभव, जो अंडर-19 टीम से लेकर बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक रहा है, उन्हें इस पद के लिए सबसे योग्य बनाता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इंग्लैंड बोर्ड द्रविड़ को मनाने में सफल होता है, या फिर एंडी फ्लावर जैसे किसी पुराने परिचित चेहरे पर दांव लगाता है। इंग्लैंड के लिए आने वाला समय न केवल रणनीति बदलने का है, बल्कि टीम के मनोबल को दोबारा खड़ा करने की भी एक बड़ी चुनौती है।
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