Chabahar Port News: ईरान स्थित चाबहार बंदरगाह पर कथित अमेरिकी हमलों की खबरों के बीच भारत सरकार ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान जोर देकर कहा कि भारत द्वारा संचालित ‘शहीद बेहेश्ती टर्मिनल’ पूरी तरह से सुरक्षित है और उसे किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। यह स्पष्टीकरण उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया था कि बंदरगाह के आसपास विस्फोट हुए हैं। सोशल मीडिया पर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा साझा की गई तस्वीरों ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं, लेकिन भारत सरकार ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।
अमेरिका से मिली छूट और भविष्य की रणनीतिक वार्ता
चाबहार परियोजना पर अमेरिकी प्रतिबंधों और रियायतों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता जायसवाल ने बताया कि इस बंदरगाह के संचालन के संबंध में अमेरिका की ओर से पूर्व में एक विशेष छूट दी गई थी, जिसकी अवधि हाल ही में समाप्त हो चुकी है। इस संदर्भ में भारत सरकार अत्यंत सक्रिय है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत इस महत्वपूर्ण परियोजना को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए संबंधित पक्षों और अमेरिका के साथ लगातार उच्च-स्तरीय बातचीत कर रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चाबहार के संचालन में कोई तकनीकी या राजनयिक बाधा न आए।
भारत के लिए चाबहार पोर्ट का सामरिक महत्व
ईरान के दक्षिण-पूर्वी तट पर ओमान की खाड़ी के किनारे स्थित चाबहार बंदरगाह भारत की विदेश नीति और व्यापारिक विस्तार के लिए एक रणनीतिक आधारस्तंभ है। यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को पूरी तरह से बायपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। भारत ने शहीद बेहेश्ती टर्मिनल के विकास और इसके संचालन के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश किया है, जो इसे भारत की कनेक्टिविटी परियोजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण बनाता है। इस पोर्ट के जरिए भारत न केवल व्यापारिक लाभ देख रहा है, बल्कि भू-राजनीतिक दृष्टि से भी अपनी उपस्थिति को मजबूत कर रहा है।
PoJK पर भारत का रुख एकदम साफ और अडिग
अपनी प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) से जुड़े एक सवाल पर भी भारत का कड़ा और स्पष्ट रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है और इसमें कोई संशय नहीं होना चाहिए। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा, “PoJK पहले भी भारत का अविभाज्य हिस्सा था, आज भी है और भविष्य में भी हमेशा रहेगा।” यह बयान हालिया अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं के बीच भारत की संप्रभुता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने भौगोलिक हितों और अखंडता को लेकर किसी भी प्रकार के समझौते के लिए तैयार नहीं है। भारत ने अपनी इन नीतियों के जरिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात को मजबूती से रखा है।
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