Trump Iran Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने के खिलाफ अपना कड़ा रुख दोहराया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। दूसरी ओर, ईरान और ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के रास्तों को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर पहुंचने की घोषणा की है। दोनों घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं, जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दोहराई अपनी प्राथमिकता
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सबसे पहला लक्ष्य यही है और हमेशा यही रहेगा कि ईरान के पास किसी भी तरह परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बातचीत की समयसीमा खत्म होने के करीब पहुंच गई है।
60 दिनों की बातचीत के बाद भी दूरी बरकरार
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए निर्धारित 60 दिनों की बातचीत की अवधि अब समाप्त होने की ओर है। फिलहाल इस अवधि को आगे बढ़ाए जाने की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में बातचीत के बावजूद दोनों पक्ष दो महीने पहले की तुलना में किसी निर्णायक समझौते के अधिक करीब दिखाई नहीं दे रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान-ओमान में समझौता
इसी बीच ईरान ने घोषणा की कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही के रास्तों के नक्शे को लेकर ओमान के साथ सहमति बना ली है। ईरान और ओमान अब इस समझौते से जुड़े अंतिम विवरण तैयार कर रहे हैं। दोनों देश एक संयुक्त बयान जारी करने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह समझौता रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने दी समझौते की जानकारी
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को इस समझौते की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जहाजों की आवाजाही के मार्ग के नक्शे को लेकर दोनों पक्षों के बीच समझ बनी है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस समझ को अंतिम रूप देने के लिए नक्शे के साथ एक संयुक्त बयान को भी तैयार किया जा रहा है। फिलहाल समझौते की सभी शर्तों का विस्तृत खुलासा नहीं किया गया है।
जहाजों के लिए रास्ता फिर खुलने की उम्मीद
सामने आई जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही दोबारा सामान्य हो सकती है। इस व्यवस्था में जहाज ईरान की ओर स्थित मार्ग से जलडमरूमध्य में प्रवेश करेंगे और ओमान की ओर वाले रास्ते से बाहर निकलेंगे। अंतरिम व्यवस्था के दौरान जहाजों से किसी प्रकार की फीस या टोल नहीं लिए जाने की बात भी सामने आई है।
दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है। इसके जरिए बड़ी मात्रा में तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों का अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक परिवहन होता है। इसलिए यहां जहाजों की आवाजाही में किसी भी तरह की बाधा का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और बाजारों पर पड़ सकता है। ईरान और ओमान के बीच मार्ग को लेकर बनी सहमति इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अमेरिका ने जलडमरूमध्य खोलने को बनाया अहम शर्त
अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करने से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर स्वीकार्य समझौते की मांग की गई है। ऐसे में ईरान और ओमान के बीच हुआ समझौता वाशिंगटन की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरता है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। यही कारण है कि इस समझौते के अंतिम स्वरूप पर अमेरिका की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
परमाणु मुद्दे और होर्मुज पर टिकी दुनिया की नजर
एक तरफ ट्रंप ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने को लेकर सख्त रुख अपना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सामान्य बनाने की कोशिश हो रही है। परमाणु कार्यक्रम, समुद्री मार्ग और प्रतिबंध जैसे मुद्दे अमेरिका-ईरान संबंधों को जटिल बनाए हुए हैं। अब नजर इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या फिर तनाव एक बार फिर बढ़ता है।
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