Heart Health : अगर थोड़ी दूर चलने, सीढ़ियां चढ़ने या रोजमर्रा के सामान्य काम करने पर ही सांस फूलने लगे, तो इसे हमेशा कमजोरी या फिटनेस की कमी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर तब, जब पहले इतनी मेहनत करने पर कोई परेशानी नहीं होती थी और अब बार-बार हांफने की समस्या सामने आ रही है। सांस फूलने के पीछे दिल और फेफड़ों से जुड़ी समस्या, एनीमिया, अधिक वजन, खराब फिटनेस या मेटाबॉलिक स्वास्थ्य से संबंधित कई कारण हो सकते हैं।
हाई ट्राइग्लिसराइड सीधे सांस फूलने का कारण नहीं
खून में बढ़ा हुआ ट्राइग्लिसराइड भी शरीर के कार्डियो-मेटाबोलिक जोखिम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सांस फूलना हाई ट्राइग्लिसराइड का सीधा लक्षण नहीं माना जाता। लगातार बढ़ा हुआ ट्राइग्लिसराइड धमनियों से जुड़ी हृदय संबंधी बीमारी यानी एथेरोस्क्लेरोटिक कार्डियोवस्कुलर डिजीज (ASCVD) के जोखिम से जुड़ा हो सकता है। 2026 की ACC/AHA समेत प्रमुख डिस्लिपिडेमिया गाइडलाइन में ट्राइग्लिसराइड-रिच लिपोप्रोटीन और कार्डियोवस्कुलर जोखिम के बीच संबंध पर जोर दिया गया है।
ट्राइग्लिसराइड शरीर में क्या काम करता है
ट्राइग्लिसराइड खून में मौजूद एक प्रकार की वसा है। शरीर भोजन से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी को ट्राइग्लिसराइड के रूप में जमा करता है और जरूरत पड़ने पर इसे ऊर्जा के लिए इस्तेमाल करता है। समस्या तब होती है जब इसका स्तर लंबे समय तक सामान्य सीमा से अधिक बना रहता है। 2026 की गाइडलाइन के अनुसार, फास्टिंग ट्राइग्लिसराइड 150 mg/dL या उससे अधिक होने पर इसे बढ़ा हुआ माना जाता है, जबकि नॉन-फास्टिंग टेस्ट में 175 mg/dL या उससे अधिक स्तर बढ़ा हुआ माना जाता है।
हाई ट्राइग्लिसराइड के साथ कई मेटाबॉलिक समस्याएं
लगातार बढ़ा हुआ ट्राइग्लिसराइड अक्सर अकेले नहीं होता। इसके साथ मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं भी मौजूद हो सकती हैं। यही वजह है कि ट्राइग्लिसराइड को केवल कोलेस्ट्रॉल टेस्ट की एक संख्या के रूप में देखने के बजाय पूरे कार्डियो-मेटाबोलिक जोखिम के संदर्भ में समझना जरूरी है।
सीढ़ियां चढ़ते समय हांफना किस ओर करता है इशारा
सीढ़ियां चढ़ने या तेज चलने के दौरान शरीर को सामान्य से ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इस दौरान दिल और फेफड़ों को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। अगर पहले कोई व्यक्ति आसानी से दो-तीन मंजिल तक सीढ़ियां चढ़ लेता था, लेकिन अब कुछ सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलने लगती है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। दिल की पंपिंग क्षमता में कमी, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, फेफड़ों की बीमारी, एनीमिया, मोटापा और खराब फिटनेस संभावित कारणों में शामिल हो सकते हैं।
रिसर्च में TyG इंडेक्स और सांस फूलने का संबंध
एक आबादी आधारित अध्ययन में 40 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 6,893 लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने ट्राइग्लिसराइड-ग्लूकोज इंडेक्स यानी TyG और सांस से जुड़े लक्षणों के बीच संबंध का अध्ययन किया। इसमें TyG बढ़ने के साथ एक्सरसाइज के दौरान सांस फूलने यानी exertional dyspnea की संभावना भी अधिक देखी गई। TyG इंडेक्स में ट्राइग्लिसराइड और फास्टिंग ग्लूकोज दोनों शामिल होते हैं और इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़े मेटाबॉलिक संकेतक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इस अध्ययन से यह साबित नहीं होता कि केवल हाई ट्राइग्लिसराइड ही सांस फूलने का कारण है।
कितना ट्राइग्लिसराइड माना जाता है ज्यादा
ट्राइग्लिसराइड की रिपोर्ट को समझने के लिए इसके स्तर पर ध्यान देना जरूरी है। सामान्य तौर पर 150 mg/dL से कम स्तर सामान्य माना जाता है। 150 से 499 mg/dL के बीच स्तर बढ़ा हुआ माना जाता है। 500 mg/dL या उससे अधिक गंभीर रूप से बढ़ा हुआ स्तर माना जाता है, जबकि 1000 mg/dL या उससे अधिक बहुत गंभीर स्थिति हो सकती है।
500 mg/dL से ऊपर बढ़ सकता है पैंक्रियाटाइटिस का खतरा
ACC की गाइडलाइन के अनुसार, ट्राइग्लिसराइड का स्तर 500 mg/dL से ऊपर पहुंचने पर पैंक्रियाटाइटिस यानी अग्न्याशय में सूजन का खतरा बढ़ सकता है। 1000 mg/dL से ऊपर यह जोखिम और गंभीर हो सकता है। इसलिए बहुत अधिक ट्राइग्लिसराइड मिलने पर इसे केवल सामान्य लिपिड रिपोर्ट समझकर छोड़ना उचित नहीं है और डॉक्टर से चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
सांस फूलने के साथ इन लक्षणों पर रहें सतर्क
अगर हांफने के साथ सीने में दर्द या दबाव, असामान्य धड़कन, चक्कर, बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी या अचानक सांस फूलने जैसी समस्या हो रही है, तो इसे केवल ट्राइग्लिसराइड से जोड़कर घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण हृदय या फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्या के संकेत भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
ट्राइग्लिसराइड बढ़ने की कई वजहें
ट्राइग्लिसराइड बढ़ने के पीछे केवल तला-भुना भोजन जिम्मेदार नहीं होता। अधिक वजन या मोटापा, डायबिटीज, प्री-डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस, हाइपोथायरॉयडिज्म, कुछ दवाएं, शराब और आनुवंशिक कारण भी इसकी वजह बन सकते हैं। इसके अलावा एडेड शुगर और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का अधिक सेवन ट्राइग्लिसराइड बढ़ा सकता है। इसलिए डाइट में प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट और अतिरिक्त चीनी को सीमित करना महत्वपूर्ण हो सकता है।
वजन घटाने से ट्राइग्लिसराइड में सुधार संभव
यदि किसी व्यक्ति का वजन अधिक है, तो वजन कम करने से ट्राइग्लिसराइड के स्तर में भी सुधार हो सकता है। 2026 की गाइडलाइन में 5 से 10 प्रतिशत वजन कम करने पर ट्राइग्लिसराइड में लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक कमी देखे जाने का उल्लेख है। इसके साथ नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित खान-पान भी मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं।
लगातार हांफने पर पहले कराएं मेडिकल जांच
अगर सामान्य चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर लगातार असामान्य सांस फूल रही है, तो सबसे पहले इसके कारण का पता लगाना जरूरी है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर, HbA1c, ब्लड प्रेशर और अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। यदि ट्राइग्लिसराइड बढ़ा हुआ पाया जाता है, तो उसके पीछे मौजूद कारणों की भी जांच जरूरी होती है।
हाई ट्राइग्लिसराइड को लेकर क्या सावधानी रखें
ट्राइग्लिसराइड बढ़ा होने पर डाइट, वजन, शारीरिक गतिविधि और अन्य जोखिम कारकों पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, सांस फूलने की समस्या को केवल हाई ट्राइग्लिसराइड का लक्षण मानना सही नहीं होगा। नया या लगातार बढ़ता हुआ हांफना शरीर में किसी अन्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
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