Nepal Earthquake : नेपाल के पश्चिमोत्तर हिस्से में मंगलवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 5.3 मापी गई। भूकंप रात 9 बजकर 53 मिनट पर आया। इसका केंद्र मुस्तांग जिले के लोमान्थांग क्षेत्र में बताया गया है। यह इलाका राजधानी काठमांडू से करीब 375 किलोमीटर पश्चिमोत्तर दिशा में स्थित है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भूकंप के कारण तत्काल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
मनांग, डोल्पा और म्याग्दी में भी महसूस हुआ कंपन
भूकंप के झटके नेपाल के आसपास के कई जिलों में भी महसूस किए गए। अधिकारियों के अनुसार, मनांग, डोल्पा और म्याग्दी जिलों में लोगों ने धरती में कंपन महसूस किया। भूकंप के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल देखा गया। हालांकि, प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की ओर से अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
143 किलोमीटर गहराई में था भूकंप का केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, 8 सितंबर 2026 की रात 9:53 बजे आए इस भूकंप का केंद्र 29.022 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 83.978 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। भूकंप जमीन से करीब 143 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। इसके झटके गंडकी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़ी क्षति की जानकारी सामने नहीं आई है।
विनाशकारी बाढ़ के बाद भूकंप से बढ़ी चिंता
नेपाल में यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब देश हाल ही में विनाशकारी बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है। करीब दो सप्ताह पहले आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। ऐसे में भूकंप के नए झटकों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में संभावित जोखिमों पर नजर रखने और जरूरी स्थिति में राहत एवं बचाव व्यवस्था तैयार रखने की कोशिश की जा रही है।
बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,357 हुई
नेपाल में हाल की प्राकृतिक आपदा के दौरान लगातार शव मिलने का सिलसिला जारी है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,357 हो गई है। बचाव एवं राहत दल अभी भी 5,326 लोगों की तलाश में जुटे हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 13,583 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। लापता लोगों की तलाश के लिए विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है।
भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमस्खलन के बाद भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई थी। तेज बहाव ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों तथा गांवों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ की चपेट में आने से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और कई परिवारों ने अपने परिजनों को खो दिया। प्रभावित क्षेत्रों में राहत, शव बरामदगी और लापता लोगों की तलाश का काम अभी जारी है।
कई जिलों से बरामद हुए सैकड़ों शव
संयुक्त सुरक्षा बलों के अभियान में अब तक कई जिलों से बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। चितवन से 363, नवलपरासी पूर्व से 223, नवलपरासी पश्चिम से 222 और नुवाकोट से 197 शव मिले हैं। इसके अलावा रसुवा से 169, गोरखा से 75, धादिंग से 70 और तनहूं से 38 शव बरामद किए गए हैं। सोमवार तक केवल 102 शवों की पहचान हो सकी थी, जिन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
तिब्बत में भी आपदा का असर
चीनी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा का असर चीन नियंत्रित तिब्बत के कुछ हिस्सों में भी पड़ा है। रिपोर्टों में कम से कम 43 लोगों की मौत और 500 से अधिक लोगों के लापता होने की बात कही गई है। नेपाल में एक ओर बाढ़ से प्रभावित लोगों की तलाश और राहत अभियान जारी है, वहीं दूसरी ओर नए भूकंप के झटकों ने प्रशासन के सामने अतिरिक्त चुनौती खड़ी कर दी है।
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