Asunta Lakra Case : इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने हॉकी इंडिया के सेक्रेटरी भोला नाथ सिंह के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए स्वतंत्र समिति का गठन किया है। यह कार्रवाई खेल मंत्रालय के निर्देश के बाद की गई है। समिति की अध्यक्षता रिटायर्ड हाई कोर्ट जज दीपा शर्मा करेंगी। इसका उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपों और संबंधित घटनाक्रम के तथ्यों को सामने लाना है।
समिति में खेल और कानूनी क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल
चार सदस्यीय जांच समिति में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है। पूर्व ट्रैक-एंड-फील्ड एथलीट वंदना राव, भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान ममता खरब और वकील सितवत नबी समिति की सदस्य होंगी। इस संयोजन के जरिए मामले की जांच में खेल प्रशासन, खिलाड़ियों के अनुभव और कानूनी पहलुओं को शामिल करने की कोशिश की गई है।
असुंता लाकड़ा ने भोला नाथ सिंह पर लगाए आरोप
महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा ने भोला नाथ सिंह पर उन्हें धमकाने और परेशान करने के आरोप लगाए थे। लाकड़ा वर्तमान में हॉकी इंडिया के एग्जीक्यूटिव बोर्ड की सदस्य भी हैं। उनके मुताबिक, यह विवाद उस समय सामने आया जब उन्होंने झारखंड में स्थानीय कोच सुधीर गोला पर लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न को लेकर आपत्ति जताई थी।
हॉकी इंडिया को जांच समिति का सहयोग करना होगा
IOA ने हॉकी इंडिया को समिति की जांच में पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया है। संस्था को समिति से जुड़े मानदेय, यात्रा, रहने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक खर्चों का भुगतान भी करना होगा। साथ ही, मामले की जांच के लिए जरूरी दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य सूचनाएं समिति को समय पर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी हॉकी इंडिया की होगी।
पीटी उषा ने हॉकी इंडिया को लिखा पत्र
IOA की प्रेसिडेंट पीटी उषा ने हॉकी इंडिया को पत्र लिखकर जांच समिति के साथ सहयोग सुनिश्चित करने को कहा है। पत्र में समिति को सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी समय पर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इससे साफ है कि IOA इस मामले में स्वतंत्र जांच के लिए औपचारिक प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
लाकड़ा और हॉकी इंडिया के बीच विवाद बढ़ा
असुंता लाकड़ा और हॉकी इंडिया के बीच विवाद उस समय और गहरा गया, जब नेशनल फेडरेशन की एथिक्स कमेटी ने पूर्व कप्तान को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके साथ ही उनके खिलाफ जांच भी शुरू की गई। यह कार्रवाई झारखंड की युवा खिलाड़ी अलबेला रानी टोप्पो से जुड़े आरोपों के आधार पर की गई थी।
अलबेला रानी टोप्पो ने भी लगाए गंभीर आरोप
अलबेला रानी टोप्पो ने आरोप लगाया था कि असुंता लाकड़ा ने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की। टोप्पो का दावा था कि उन्हें बिना किसी ठोस वजह के उनका हॉकी करियर खत्म करने की धमकी दी गई। इन आरोपों के बाद हॉकी इंडिया की एथिक्स कमेटी ने मामले को लेकर लाकड़ा से जवाब मांगा और जांच प्रक्रिया शुरू की।
लाकड़ा ने कार्रवाई को बताया बदले की भावना
हॉकी इंडिया की कार्रवाई पर असुंता लाकड़ा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने इसे लगातार डराने-धमकाने और बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया। लाकड़ा ने खेल मंत्री मनसुख मंडाविया से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए उनके खिलाफ चल रही एथिक्स कमेटी की जांच रोकने की मांग की थी।
खेल मंत्रालय के निर्देश पर शुरू हुई स्वतंत्र जांच
मामले में नया मोड़ तब आया जब खेल मंत्रालय ने IOA से लाकड़ा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की स्वतंत्र जांच के लिए समिति गठित करने को कहा। अब रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में गठित समिति पूरे विवाद के विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी। समिति की रिपोर्ट मामले की आगे की कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हॉकी प्रशासन में विवाद पर सबकी नजर
भोला नाथ सिंह और असुंता लाकड़ा से जुड़े आरोपों ने हॉकी प्रशासन में चल रहे विवाद को गंभीर बना दिया है। एक तरफ यौन उत्पीड़न और धमकी से जुड़े आरोपों की जांच होनी है, वहीं दूसरी ओर लाकड़ा के खिलाफ एथिक्स कमेटी की कार्रवाई भी विवाद का हिस्सा है। स्वतंत्र समिति की जांच से अब इन आरोपों और जवाबी आरोपों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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