Iran US Tension : तेहरान में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नया विवाद सामने आया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास एक अमेरिकी मानवरहित अंडरवॉटर ड्रोन को पकड़ लिया है। ईरानी पक्ष ने इसे अमेरिकी सेना की आधुनिक तकनीक से लैस मशीन बताया है। इसी बीच ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला करने का भी दावा किया है।
जॉर्डन के अमेरिकी एयर बेस पर मिसाइल हमले का दावा
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन के अल-अजराक स्थित अमेरिकी एयर बेस को भारी मिसाइलों से निशाना बनाया। ईरान ने इस कार्रवाई को ‘दंडात्मक अभियान’ बताया। हालांकि, जॉर्डन की सेना ने ईरान के दावे के बीच कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने हमले को नाकाम कर दिया।
20 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाने का दावा
जॉर्डन के आधिकारिक बयान के मुताबिक, एयर डिफेंस सिस्टम ने कुल 20 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया। इनमें से 18 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि दो मिसाइलें आबादी वाले इलाकों से दूर खाली क्षेत्र में जाकर गिरीं। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी तेल टैंकरों पर कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव
ईरान की ओर से बताए गए इस हमले का घटनाक्रम अमेरिका की 8 सितंबर की सैन्य कार्रवाई के बाद सामने आया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी सेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े पांच ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया था। इनमें चार कच्चे तेल के टैंकर ओमान की खाड़ी में थे, जबकि पांचवें जहाज को फारस की खाड़ी में खार्ग द्वीप के पास निशाना बनाया गया।
अमेरिका ने ईरानी हमलों के जवाब में कार्रवाई की
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई पिछले 48 घंटों में अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर ईरान की ओर से किए गए लगातार मिसाइल हमलों के जवाब में की गई। इस कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और गंभीर कर दिया है।
मार्को रुबियो ने ईरान को दी सीधी चेतावनी
कोलंबिया की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी। बैरनक्विला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान जब भी अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश करेगा, अमेरिका उसके टैंकरों को निशाना बनाएगा। रुबियो के बयान से संकेत मिला कि अमेरिका आगे भी जवाबी कार्रवाई जारी रख सकता है।
Dive-LD ड्रोन को लेकर ईरान का दावा
ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने होर्मुज के प्रवेश क्षेत्र में एक Dive-LD अंडरवॉटर वाहन को पकड़ा। इसे कैलिफोर्निया स्थित रक्षा कंपनी Anduril द्वारा विकसित एक बड़ा ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल बताया गया है। ईरानी नौसेना ने इसे अत्याधुनिक और मानवरहित अमेरिकी सैन्य उपकरण बताया।
समुद्र के भीतर कई महत्वपूर्ण काम कर सकता है ड्रोन
Anduril के मुताबिक, करीब 19 फीट लंबा Dive-LD कई समुद्री अभियानों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें समुद्री बारूदी सुरंगों का पता लगाना, समुद्र की तलहटी का नक्शा तैयार करना, खुफिया जानकारी जुटाना और पानी के नीचे मौजूद महत्वपूर्ण ढांचे की निगरानी जैसे कार्य शामिल हैं। इनमें संचार केबल और पाइपलाइन जैसी संरचनाएं भी शामिल हो सकती हैं।
पेंटागन ने ईरान के दावे को बताया अलग कहानी
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने ईरान के दावे को खारिज करते हुए अलग जानकारी दी। पेंटागन के प्रवक्ता के अनुसार, एक अंडरवॉटर ड्रोन तकनीकी खराबी के कारण एक दिन से अधिक समय पहले ही काम करना बंद कर चुका था। उनके मुताबिक, ड्रोन क्षेत्रीय जल की निगरानी कर रहा था और अमेरिकी अभियानों में सहायता कर रहा था।
पुराने ड्रोन में संवेदनशील जानकारी नहीं होने का दावा
पेंटागन ने यह भी कहा कि खराब हुआ ड्रोन पुराना मॉडल था और उसमें संवेदनशील जानकारी जुटाने की क्षमता नहीं थी। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, उपकरण में कोई गोपनीय सोनार या रडार सिस्टम भी मौजूद नहीं था। अब ईरान और अमेरिका के इन परस्पर विरोधी दावों के बीच होर्मुज क्षेत्र में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
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