Surajpur Double Murder Case : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में सामने आए चर्चित डबल मर्डर, रेप और पॉक्सो मामले में करीब दो साल बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत चार आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। मामले में अदालत द्वारा 8 अक्टूबर को दोषियों की सजा पर फैसला सुनाए जाने की बात कही गई है।
14 अक्टूबर 2024 को सामने आया था मामला
14 अक्टूबर 2024 को सूरजपुर के पीढ़ा गांव में प्रधान आरक्षक की पत्नी और उसकी 12 वर्षीय बेटी के शव सड़क किनारे नग्न अवस्था में मिले थे। पुलिस के अनुसार, दोनों की घर में घुसकर चाकू से हत्या की गई थी। इस घटना से एक दिन पहले पुलिसकर्मी पर गर्म तेल फेंकने और पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने के प्रयास की घटना भी सामने आई थी।
दोहरे हत्याकांड की खबर सामने आने के बाद सूरजपुर में भारी आक्रोश देखने को मिला था। इसी दौरान भीड़ ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के घर में आग लगा दी थी। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने कुलदीप साहू को बलरामपुर जिले से गिरफ्तार किया था। जांच में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या के साथ रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी।
कुलदीप साहू पर पुलिसकर्मियों को कुचलने का आरोप
मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू पर पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने की कोशिश करने का भी आरोप लगा था। बताया गया कि घटना की रात थाने के सामने आरोपी ने अपने वाहन से पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने का प्रयास किया। इसके अलावा पुलिस वाहन पर फायरिंग किए जाने के आरोप भी मामले की जांच का हिस्सा रहे।
छह आरोपियों को किया गया था गिरफ्तार
डबल मर्डर की जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद मामले की सुनवाई सूरजपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू हुई। लगभग दो वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्य और गवाह अदालत के सामने प्रस्तुत किए।
चार आरोपी हत्या, रेप और पॉक्सो में दोषी
न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने कुलदीप साहू समेत चार आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामलों में दोषी पाया है। दोषी ठहराए गए आरोपियों में कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके, फूल सिंह उर्फ रिंकू और आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी शामिल हैं।
पुलिस वाहन फायरिंग मामले में तीन आरोपी बरी
मामले के एक अन्य हिस्से में पुलिस वाहन पर फायरिंग का आरोप कुलदीप साहू, नीलकेश्वर साहू और सूरज साहू पर लगाया गया था। अदालत ने इस आरोप में तीनों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। यानी डबल मर्डर, रेप और पॉक्सो से जुड़े आरोपों में दोषसिद्धि और पुलिस वाहन फायरिंग वाले आरोप में राहत को अलग-अलग देखा गया है।
चेहरे पर मुस्कान, कैमरों के सामने दिखा बेफिक्र अंदाज

न्यायालय परिसर से बाहर निकलते समय कुलदीप के चेहरे पर घबराहट नजर नहीं आई। पुलिसकर्मी जब उसे न्यायालय परिसर से बाहर लेकर आए, तब मीडिया के कैमरे उसकी ओर थे। इसी दौरान कुलदीप साहू मुस्कुराता हुआ नजर आया। उसने कैमरों के सामने प्रतिक्रिया भी दी और इसके बाद पुलिस वाहन में सवार होकर चला गया।
फैसले के बाद उसके इस अंदाज ने मौके पर मौजूद लोगों और मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। हालांकि, उसके चेहरे पर नजर आई मुस्कान के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
8 अक्टूबर को सजा पर होगा फैसला
अब सभी की निगाहें 8 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर हैं। अदालत दोषी पाए गए आरोपियों को किस तरह की सजा देती है, इसका फैसला इसी दिन होने की जानकारी दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत के सजा संबंधी आदेश पर लोगों की नजर बनी हुई है।
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