Meerut Blue Drum Case : मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में बुधवार को जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने सौरभ की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब मामले की अगली प्रक्रिया सजा के निर्धारण को लेकर होगी।
126 सुनवाइयों और 22 से अधिक गवाहों के बाद फैसला
इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई करीब 13 महीने तक चली। अदालत में कुल 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम बहस सितंबर में पूरी हुई थी, जिसके बाद अदालत ने 30 सितंबर को फैसला सुनाने की तारीख निर्धारित की थी।
नीले ड्रम में मिला था सौरभ का शव
मामला मार्च 2025 में सामने आया था, जब मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित घर से सौरभ राजपूत का शव एक नीले ड्रम के अंदर बरामद किया गया था। अभियोजन के अनुसार, हत्या के बाद शव को टुकड़ों में कर ड्रम में छिपाया गया था। इसी वजह से यह मामला देशभर में ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के नाम से चर्चित हुआ।
3 मार्च को हत्या का आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 3 मार्च 2025 को सौरभ की हत्या की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि वारदात के बाद शव को छिपाने के लिए ड्रम और अन्य सामान का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ी और पुलिस ने मुस्कान रस्तोगी तथा साहिल शुक्ला को आरोपी बनाया।
गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई लंबी कानूनी प्रक्रिया
पुलिस ने 19 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। इसके बाद जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में मुकदमे का ट्रायल शुरू हुआ। करीब 13 महीने की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर अपना पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष ने मांगी मृत्युदंड की सजा
मामले की अंतिम बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। पीड़ित परिवार की ओर से भी आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग सामने आई है। हालांकि, अदालत ने बुधवार को पहले दोषसिद्धि पर फैसला सुनाया है और अब सजा के बिंदु पर सुनवाई की प्रक्रिया होगी।
बचाव पक्ष ने बेटी का हवाला देकर राहत मांगी
बचाव पक्ष की ओर से अदालत के सामने सजा के मामले में नरमी बरतने की दलीलें रखी गई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बचाव पक्ष ने सौरभ और मुस्कान की बेटी को भी अपने तर्क का हिस्सा बनाया है। अब अदालत को दोषसिद्ध दोनों आरोपियों के लिए कानून के तहत निर्धारित सजा पर विचार करना है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से फैसला सुनने का अनुरोध
रिपोर्टों के मुताबिक, मुस्कान और साहिल ने जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत का फैसला सुनने का अनुरोध किया था। फैसले से पहले दोनों के जेल में रहने और उनके व्यवहार को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई थीं। हालांकि, इन व्यक्तिगत पहलुओं का अंतिम न्यायिक निर्णय पर क्या प्रभाव होगा, यह अदालत के सजा संबंधी आदेश से स्पष्ट होगा।
अब सजा के फैसले पर टिकी निगाहें
मुस्कान और साहिल के दोषी करार दिए जाने के बाद अब इस मामले में अगला अहम चरण सजा का है। अदालत अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद दोनों दोषियों के लिए सजा तय करेगी। इस वजह से सौरभ राजपूत हत्याकांड में अब सबकी निगाहें अदालत के आगामी सजा संबंधी आदेश पर टिकी हैं।
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