Ambikapur Fire: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शहर के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले राम मंदिर रोड इलाके में गुरुवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। दोपहर 12:30 बजे भड़की यह आग देर रात तक बेकाबू बनी रही। आग मुकेश अग्रवाल की प्लास्टिक दुकान और उसके पीछे स्थित बड़े गोदाम में लगी थी। चूंकि प्लास्टिक और डिस्पोजल सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील होती है, इसलिए लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। 9 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दर्जनों दमकल गाड़ियां आग पर पूरी तरह काबू पाने में संघर्ष कर रही हैं। पूरे क्षेत्र में काला धुआं और दहशत का माहौल व्याप्त है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही देर बाद गोदाम के भीतर से तेज धमाकों की आवाजें आने लगीं। बताया जा रहा है कि प्लास्टिक के सामानों के बीच भारी मात्रा में पटाखों का भी अवैध भंडारण किया गया था। आग की तपिश पाकर पटाखों में सिलसिलेवार विस्फोट शुरू हो गए, जिससे आग की लपटें और ऊंची उठने लगीं। इन धमाकों के कारण गोदाम की छत पर लगा टिन शेड उड़कर दूर जा गिरा। पटाखों के विस्फोट ने न केवल आग को तेजी से फैलाया, बल्कि राहत कार्य में जुटे दमकल कर्मियों और एसडीआरएफ (SDRF) के जवानों के लिए भी जानलेवा खतरा पैदा कर दिया।
इस अग्निकांड ने शहर के अव्यवस्थित ढांचे की पोल खोलकर रख दी है। गोदाम एक बेहद संकरी गली के भीतर स्थित होने के कारण दमकल की बड़ी गाड़ियां सीधे मौके तक नहीं पहुंच सकीं। मजबूरन प्रशासन को अंबिकापुर के अलावा सूरजपुर, बिश्रामपुर, अदाणी प्रबंधन और एयरपोर्ट से छोटी और मध्यम श्रेणी के दमकल वाहन बुलाने पड़े। पानी की कमी न हो, इसके लिए नगर निगम के दर्जनों टैंकरों को कतार में लगाया गया। दमकल कर्मी आसपास के मकानों की छतों पर चढ़कर और पाइपों को जोड़कर वैकल्पिक रास्तों से पानी की बौछारें कर रहे हैं, लेकिन सघन बसावट के कारण आग बुझाने का काम अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है।
आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि इसने आसपास के रिहायशी मकानों और दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। पास की एक बड़ी जूता दुकान और एक शिक्षक का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। दूसरी ओर, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और स्थानीय निवासियों के घरों के पिछले हिस्से तक लपटें पहुंच गईं, जिससे वहां रहने वाले परिवारों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरी गली और आसपास के ब्लॉक को खाली करा लिया है। करोड़ों रुपये के माल के साथ-साथ कई लोगों की जीवन भर की कमाई इस आग की भेंट चढ़ गई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अजीत वसंत, एसएसपी राजेश अग्रवाल और निगम आयुक्त स्वयं मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि रिहायशी इलाकों में ज्वलनशील पदार्थों और पटाखों का भंडारण नियमों के खिलाफ है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा शहर के सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़ा करता है कि कैसे रिहायशी इलाके के बीचों-बीच इतने बड़े पैमाने पर खतरनाक सामग्री रखी जा रही थी। फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और किसी भी तरह की जनहानि को रोकने की है।
RCB vs GT Match Result: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के रोमांचक सफर में रॉयल…
Why Mobile Network Fails in Lift: हम सभी ने कभी न कभी यह अनुभव किया…
SRK King Movie Update: साल 2026 भारतीय सिनेमा के लिए बेहद ऐतिहासिक साबित हो रहा…
Rare Snake : भारत के जैव विविधता के खजाने में एक और अनमोल रत्न जुड़…
Ambikapur Municipal Budget : अंबिकापुर नगर निगम की सामान्य सभा में शुक्रवार को महापौर मंजूषा…
Karnataka SC Reservation News: बेंगलुरु में आयोजित मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता वाली कैबिनेट बैठक में…
This website uses cookies.